नई दिल्ली । अगर आपके बच्चे ज्यादा देर तक टचस्क्रीन स्मार्टफोन या फिर गैजेट का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान रहने की जरूरत है। ब्रिटेन में हुए एक शोध में बच्चों के लिए टचस्क्रीन को नुकसानदायक बताया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि टचस्क्रीन से बच्चों की अंगुलियों की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं। इससे उन्हें पेंसिल या कलम पकड़ने में मुश्किल आ सकती है। यही वजह है कि टेक्नोलॉजी के ज्यादा इस्तेमाल से कई बच्चे देर से लिखना सीख पाते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि टचस्क्रीन के इस्तेमाल से बच्चों की मांसपेशियों में बहुत कम उम्र से ही अकड़न आने लगती है। इसकी वजह से वो देर तक पेन या पेंसिल नहीं पकड़ पाते। दरअसल पेन या पेंसिल चलाने के लिए आपकी अंगुलियों की मांसपेशियों पर पूर्ण नियंत्रण होना चाहिए। शोधकर्ताओं ने अभिभावकों को आगाह करते हुए कहा कि बच्चों को स्मार्टफोन या टैबलटे देने की बजाय पेंटब्रश पकडवाना चाहिए। इससे उनके हाथों की क्षमता का विकास होता है और मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं।
शोधकर्ता सैली पायने का कहना है स्कूल में देखा गया है कि बच्चों को पेन या पेंसिल पकड़ने में दिक्कत हो रही है। लेकिन अब से 10 साल पहले ऐसा नहीं था। यह बच्चों के ज्यादा मात्रा में टचस्क्रीन का इस्तेमाल करना है। शोधकर्ताओं का कहना है कि बच्चों के मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए उन्हें टचस्क्रीन की जगह ब्रश पकड़वाए और उनके साथ शारीरिक श्रम वाले खेल खेलना चाहिए।
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