लखनऊ, 1 मई 2025: मजदूर दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर लखनऊ के परिषदीय शिक्षकों ने अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष सुधांशु मोहन की अध्यक्षता में आयोजित इस धरने में हजारों शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।

शिक्षकों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 15 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश और जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सहायक आयुक्त रामकुमार सिंह को सौंपा गया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा और इसकी प्रेषण रिपोर्ट शिक्षक संघ को उपलब्ध कराई जाएगी।
यह थीं शिक्षकों की प्रमुख मांगें :
शिक्षकों ने अपनी मांगों में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया, जिनमें शामिल हैं:
- पुरानी पेंशन की बहाली: विशिष्ट बीटीसी 2004, बीटीसी 2001, उर्दू बीटीसी और 1 अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने की मांग।
- गर्मी के कारण स्कूलों का समय परिवर्तन: भीषण गर्मी को देखते हुए प्राथमिक स्कूलों का समय सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक करने की मांग।
- पदोन्नति और स्थानांतरण: शिक्षकों की पदोन्नति, प्रोन्नत वेतनमान, अंतरजनपदीय और अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में पारदर्शिता और वरिष्ठता के आधार पर न्यूनतम 50% अंक निर्धारित करने की मांग।
- मानव संपदा पोर्टल में सुधार: शिक्षकों से संबंधित कार्यों के लिए पोर्टल में आवश्यक संशोधन।
- दिव्यांग भत्ता और अन्य सुविधाएं: दिव्यांग भत्ते की बढ़ी हुई धनराशि का भुगतान और नामांकन के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता में छूट।
बता दें कि धरने को संबोधित करते हुए प्रांतीय मंत्री श्रीमती वंदना सक्सेना ने पुरानी पेंशन की बहाली को प्रमुख मुद्दा बताया और चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो शिक्षक विधानसभा का घेराव करेंगे। जिला कोषाध्यक्ष फहीम बेग ने 1 अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित सभी पदों को पुरानी पेंशन के दायरे में लाने की मांग दोहराई।

धरने की अध्यक्षता कर रहे सुधांशु मोहन ने सरकार पर शिक्षकों के साथ अन्याय और उनकी मांगों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यदि सरकार हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती, तो ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन और रैली आयोजित की जाएगी।”

जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने धरने का संचालन करते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की, तो शिक्षकों को राजनीतिक हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
शिक्षकों ने दिया एकजुटता का परिचय :
धरने में लखनऊ जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षक नेताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें गोसाईगंज अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष संदीप सिंह, मलिहाबाद अध्यक्ष अवधेश कुमार, काकोरी अध्यक्ष अजय सिंह, माल अध्यक्ष प्रदीप सिंह, चिनहट अध्यक्ष विजय कुमार, बख्शी का तालाब अध्यक्ष सावित्री मौर्या, मोहनलालगंज अध्यक्ष सुशील मिश्र, सरोजिनी नगर मंत्री धीरेन्द्र कुमार और महानगर मंत्री अभय प्रकाश शामिल थे। हजारों शिक्षकों ने धरने में अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराया।

शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों के प्रति गंभीर हैं और यदि सरकार ने समय रहते इन मुद्दों का समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह प्रदर्शन न केवल शिक्षकों की एकजुटता का प्रतीक है, बल्कि उनके अधिकारों के लिए उनकी दृढ़ता को भी दर्शाता है।







