पुराने नोट के इस्तेमाल को लेकर CBI ने रेल अधिकारियों, निजी कंपनी पर मामला दर्ज किया

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नयी दिल्ली, 17 अगस्त: सीबीआई ने एक निजी कंपनी को 32 लाख रूपये के पुराने नोट जमा कराने की कथित तौर पर इजाजत देने के मामले में उत्तर मध्य रेलवे के दो अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीबीआई की ओर से दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार ‘विशाखा फैसीलिटीज मैनजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ‘ को पिछले साल 19 अक्तूबर को कानपुर स्टेशन जाने वाली ट्रेनों के डिब्बों की साफ-सफाई का 6.42 करोड रूपये का अनुबंध दिया गया था। यह अनुबंध तीन साल के लिए था।

प्राथमिकी में कहा गया है कि कंपनी को अनुबंध की कुल राशि का पांच फीसदी हिस्सा कामकाजी गारंटी के तौर पर एक महीने के भीतर जमा करना था, जिसे उसने 16 नवंबर तक जमा नहीं कराया।
पिछले साल आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नोटबंदी के फैसले का ऐलान किए जाने के बाद 1000 और 500 रूपये के नोट चलन से बाहर हो गए। रेल विभाग ने नौ नवंबर से इन नोटों को स्वीकारना बंद कर दिया।

आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने उत्तर मध्य रेलवे ‘इलाहाबाद’ में सहायक मंडलीय वित्तीय प्रबंधक एम एच अंसारी और तत्कालीन मंडलीय कैशियर मदन मोहन यादव तथा कुछ अज्ञात लोगों के साथ मिलकर साजिश रची।
प्राथमिकी में कहा गया है कि कंपनी के प्रतिनिधि ने कामकाजी गारंटी के तौर पर 32.10 लाख रूपये की राशि जमा करने के लिए वरिष्ठ मंडलीय वित्तीय प्रबंधक के नाम एक पत्र सौंपा जिसे अंसारी ने स्वीकार किया और यादव के पास भेज दिया।

कंपनी के प्रतिनिधि ने 32.10 लाख रूपये की राशि 1000 और 500 रूपये के पुराने नोटों में जमा कराए।
सीबीआई के अनुसार अंसारी और यादव ने अपने आधिकारिक पदों का दुरूपयोग किया।