Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, August 23
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»फेसबुक वॉल से

    पप्पू और गप्पू दोनों ही गलत

    ShagunBy ShagunNovember 16, 2017Updated:November 16, 2017 फेसबुक वॉल से No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 826

    राहुल को वे ‘पप्पू’ कहते हैं तो मोदी को वे ‘गप्पू’ कहते हैं। यानि कोरी गप्पे हांकने वाला: डॉ. वेदप्रताप वैदिक

    भाजपा को चुनाव आयोग का यह निर्देश ठीक है कि राहुल गांधी को वह ‘पप्पू’ न कहे। गुजरात के चुनावों के लिए तैयार की गई चुनाव सामग्री में राहुल के लिए ‘पप्पू’ की जगह अब युवराज शब्द का प्रयोग होगा। वैसे तो पप्पू शब्द अपने आप में बुरा नहीं है, अपमानजनक नहीं है, अश्लील नहीं है। लोग प्रायः अपने बेटे को ही प्यार से पप्पू कहते हैं या कोई बहुत भोला-सा बच्चा हो तो लोग उसे पप्पू कह देते हैं। इसमें तो शक नहीं कि राहुल गांधी हमारे अन्य नेताओं की तुलना में काफी भोले हैं। वे जैसी भाषा बोलते हैं, वह बच्चों-जैसी ही होती है। उसमें कोई गुरु-गंभीर शब्द नहीं होते। कोई गहरा विश्लेषण नहीं होता। जैसी उनकी हिंदी होती है, वैसी ही अंग्रेजी होती है। उनके वाक्य बहुत लंबे और उलझे हुए नहीं होते। वे व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध हों, यह भी जरुरी नहीं होता। बस वे सहज होते हैं।

    बिल्कुल वैसे ही जैसे कि किसी बेपढ़े- लिखे साधु के होते हैं। उनमें पंडिताई नहीं होती। चालाकी नहीं होती। चतुराई भी नहीं होती। यही राहुल का भोलापन है, जिस पर कांग्रेसी कुरबान हो जाते हैं। इसी भोलेपन को कांग्रेस-विरोधी लोग पप्पूपना कहते हैं। राजनीति अक्सर काफी खुर्राट, खूंखार, चतुर, चालाक और धूर्त्त लोगों से भरी होती है। इस दृष्टि से राहुल गांधी एक तरफ हैं और दूसरी तरफ हैं- नरेंद्र मोदी। लेकिन मोदी पर नेताओं के ये सारे विशेषण लागू नहीं होते। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तपस्वी और समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद आजकल लोगों ने राहुल की तरह उनको भी एक उपाधि दे दी है।

    यदि राहुल को वे ‘पप्पू’ कहते हैं तो मोदी को वे ‘गप्पू’ कहते हैं। याने कोरे गप्पे हांकनेवाला। पूरी सरकार की तरफ से यदि एक ही बोलनेवाला हो तो यह स्वाभाविक है कि वह जरुरत से ज्यादा बोलता हुआ दिखाई पड़ेगा। अच्छा हुआ कि कांग्रेसियों ने अपने पोस्टरों में मोदी को ‘गप्पू’ नहीं कहा। वरना, चुनाव आयोग उन्हें भी मना करता लेकिन चुनाव-सामग्री की पहुंच तो बहुत कम होती है। सोश्यल मीडिया पर मोदी के लिए क्या-क्या नहीं कहा जा रहा है ? उसे कोई कैसे रोकेगा ? चुनाव सामग्री में से पप्पू और गप्पू जैसे शब्दों का न जाना बेहतर ही है।

    Shagun

    Keep Reading

    बांधवगढ़: सुबह की सफारी का रोमांच और बाघ से एक अप्रत्याशित मुलाकात part- 2

    बांधवगढ़ के जंगल में शेर का सामना -part-1

    वह कौन था : भूत, भ्रम या हकीकत?

    भारत की डिप्लोमेसी का यह सूर्य समूची दुनिया में चमक रहा है

    यह अनोखा प्यार ढूंढने के लिए जंगल के पास रहता हूं : पर्यावरण प्रेमी अनुराग प्रकाश

    जिंदगी को करीब से देखो इसका चेहरा तुम्हें रुला देगा!

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    rampant sale of adulterated sweets in the market.

    त्योहार नजदीक, बाजार में नकली मिठाई का खुला खेल

    August 22, 2026
    Ritual bathing of the deity at Lakshman Tila with Ganga water from Bithoor; organization remains steadfast despite police restrictions.

    लक्ष्मण टीला पर बिठूर के गंगाजल से जलाभिषेक, पुलिस रोक के बावजूद संगठन अडिग

    August 22, 2026

    कोरिया इंडस्ट्री एक्सपो (KoINDEX) 2026 का 27 अगस्त को यशोभूमि में होगा शुभारंभ

    August 22, 2026

    गलगोटियास विश्वविद्यालय ने Microsoft के सहयोग और byteXL द्वारा संचालित उद्योग-एकीकृत AI एवं ML डिग्री का शुभारंभ किया

    August 22, 2026
    Ayushmann Khurrana's visit to Jalna A message of child safety and a secure childhood.

    आयुष्मान खुराना की जालना यात्रा : बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित बचपन का संदेश

    August 21, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading