प्रकृति की अपनी रचना अद्भुत है वह कहीं भी अपनी अद्भुत रचना की छाप छोड़ देती है जिसे देखते ही लोग सोचने पर मजबूर हो जाते हैं अब इसे ही देखिये न यह विशाल हेजहोग जैसा बना एक प्राकृतिक द्वारा निर्मित चट्टान है। जो बगैर किसी के सहारे मजबूती से एक चट्टान पर खड़ा है
बता दें कि ये बलुआ पत्थर से बना स्वनिर्मित सत्रह मीटर से अधिक ऊँचा है, यह दिखने में कुरसी पर खड़ा हेजल जैसा है, वैसे विदेश में इसे विशालकाये हाथी कहते हैं लेकिन भारत में इसे बड़ा चूहा भी कहा जाता है। यह दक्षिण-पूर्वी के अल्जीरिया में एक विशाल पठार पर सहारा रेगिस्तान में एक राष्ट्रीय उद्यान टैसिली के अल्जीरिया में स्थित है।
इस मामले में एक तथ्य यह भी है कि प्राचीन भारत के महान शासक अशोक मोर्य ने अपने अधिकांश शिलालेखो के लिए बलुआ पत्थर का ही उपयोग किया था।









