लखनऊ, 09 दिसम्बर 2018: रमाबाई अम्बेडकर मैदान में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की जनाक्रोश रैली में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव, शिवपाल सिंह यादव, प्रतीक यादव, अपर्णा यादव सहित कई नेता मौजूद थे।
शिवपाल बोले: पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है
लखनऊ की सरजमीं पर आयोजित होने वाली यह रैली ऐतिहासिक है। देश के इतिहास में शायद यह पहली बार हो रहा है, जब तमाम पिछड़ी जातियां, दलित, अल्पसंख्यक व सामाजिक न्याय में आस्था रखने वाले सर्व समाज के लोग एक साथ एक मंच खड़े हैं।

उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आज सभी देख रहे हैं कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। प्रदेश में गुंडाराज, जंगलराज व्याप्त है। पुलिस निर्दोष लोगों के एनकाउंटर में व्यस्त है। लखनऊ में पुलिस द्वारा मर्डर, बुलंदशहर की हिंसा,नोएडा में पुलिस द्वारा निर्दोष जितेन्द्र यादव को गोली मार देना, यह सब दर्शाता है कि कानून व्यवस्था का क्या हाल है। पुलिसकर्मी खुद सुरक्षित नहीं है एवं तथाकथित गोरक्षाको द्वारा आतंक फैलाया जा रहा है ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार के लिए इंसानों से आधिक महत्वपूर्ण गोवंश हो गया है।

सामाजिक न्याय का अर्थ है-उन सभी व्यक्तियों को न्याय उपलब्ध करवाना, जिन्हें किसी भी प्रकार के सामाजिक भेद-भाव व वर्चस्व के कारण अन्याय का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लोहिया कहा करते थे कि सामाजिक न्याय की लड़ाई तब तक अपने मुकम्मल अंजाम तक नहीं पहुंच सकती जब तक समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में भी खुशहाली न आ जाए।

पिछले 3 दशकों में देश में सामाजिक न्याय को बहुत कामयाबी मिली है, बहुत लोगों का जीवन सुधरा है, लेकिन अभी बहुत काम करना बाकी है। सामाजिक न्याय की यात्रा में बहुत सी जातियां और समूह पीछे छूट गए हैं।







