डोंगरगढ़, 26 जून 2025: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में एक तथाकथित आश्रम की सच्चाई सामने आते ही स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। खुद को “जटाधारी अंतरराष्ट्रीय योगगुरु” बताने वाला तरुण अग्रवाल, जो पिछले डेढ़ साल से आश्रम की आड़ में गलत धंधे चला रहा था, अब पुलिस की गिरफ्त में है। यह खबर न केवल समाज के लिए एक चेतावनी है, बल्कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों का भरोसा भी बढ़ा है।
पुलिस ने तरुण के आश्रम पर छापा मारकर चौंकाने वाले खुलासे किए। आश्रम से 2 किलो गांजा, सेक्स टॉयज, नशीली गोलियां, वियाग्रा टैबलेट और इंजेक्शन बरामद हुए। जांच में पता चला कि तरुण पिछले 20 साल तक गोवा में विदेशियों को योग सिखाने के बहाने ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा था। उसने डोंगरगढ़ में भी उसी मॉडल को लागू करने की कोशिश की, जहां युवा लड़के-लड़कियों को निशाना बनाकर आश्रम को अय्याशी का अड्डा बना दिया गया था।
स्थानीय लोगों ने देर रात तक आश्रम में लड़कियों की भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों को देखकर शिकायत दर्ज की। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस ढोंगी बाबा का पर्दाफाश कर दिया। यह कार्रवाई न केवल समाज को ऐसे अपराधियों से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रशासन और पुलिस सतर्कता के साथ जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि समाज में सच्चाई और जागरूकता की ताकत से हर गलत इरादे को नाकाम किया जा सकता है। स्थानीय लोगों और पुलिस की मुस्तैदी की वजह से एक बड़ा खतरा टल गया, और अब डोंगरगढ़ के लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।







