ट्रंप को दिए गए ईरान पर हमले के खतरनाक विकल्प
तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका ईरान के खिलाफ अब हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल करने जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रेड कूपर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ईरान पर संभावित हमले के विकल्पों की विस्तृत ब्रिफिंग दी है।
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ट्रंप दोबारा हमले का फैसला करते हैं तो “छोटा लेकिन बेहद ताकतवर” सैन्य अभियान चलाया जाएगा। इसमें ईरान के बचे हुए सैन्य ठिकानों, प्रमुख नेताओं और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा।
‘डार्क ईगल’ हाइपरसोनिक मिसाइल तैयार
रक्षा मंत्रालय इस हमले में नए और एडवांस हथियारों का इस्तेमाल करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। सबसे चर्चित नाम है ‘डार्क ईगल’ (Dark Eagle) हाइपरसोनिक मिसाइल।
डार्क ईगल मिसाइल क्या है?
यह अमेरिका की नई पीढ़ी की हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली है जो बेहद तेज रफ्तार और सटीक हमले के लिए डिजाइन की गई है। इसकी मारक क्षमता करीब 3,200 किलोमीटर (2,000 मील) तक है। मिसाइल इतनी तेज है कि दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर लक्ष्य तक पहुंच जाती है। अमेरिका इसे ईरान के बचे हुए बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों और प्रमुख सैन्य ठिकानों को तबाह करने के लिए इस्तेमाल करने की प्लानिंग कर रहा है।
बी-1बी लांसर बॉम्बर की तैनाती बढ़ाई
अमेरिका पश्चिम एशिया में अपने शक्तिशाली बी-1बी लांसर स्ट्रैटेजिक बॉम्बर विमानों की मौजूदगी भी तेजी से बढ़ा रहा है। ये विमान भारी मात्रा में हथियार ले जाने और लंबी दूरी तक सटीक बमबारी करने में माहिर हैं।
सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, बी-1बी की यह तैनाती न सिर्फ ईरान पर हमले की क्षमता बढ़ाती है बल्कि रणनीतिक दबाव बनाने और मजबूत संदेश देने के लिहाज से भी बेहद अहम है।
अमेरिका का साफ संदेश: इस बार हमला और भी घातक होगा
यह पूरी तैयारियां ऐसे समय हो रही हैं जब अमेरिका ईरान की बची हुई सैन्य ताकत को पूरी तरह से कुचलने का मन बना चुका दिख रहा है। हाइपरसोनिक मिसाइल और एडवांस बॉम्बरों की तैनाती इस बात का संकेत है कि अगर युद्ध हुआ तो अमेरिका पारंपरिक हमलों से कहीं आगे जाएगा।
क्या ट्रंप अब जल्द ही ईरान पर नए हमले का आदेश देंगे? परिस्थिति तेजी से बदल रही है और हर नजर व्हाइट हाउस पर टिकी हुई है।







