घटिया मीटर खरीद बर्दाश्त नहीं, होगी समीक्षा: श्रीकान्त शर्मा

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  • प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा व उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष के बीच प्रदेश के उपभोक्ताओं के हित में सार्थक प्रभावी वार्ता।
  • प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में प्रस्तावित व्यापक वृद्धि, कम्पनियों की फिजूलखर्ची अनाप-शनाप मीटर खरीद कन्सल्टेन्टों के मकड़जाल से ऊर्जा सेक्टर को बाहर कराने के मुद्दे पर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से सचिवालय में की मुलाकात।
  • ऊर्जा मंत्री का उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को आश्वासन बिजली चोरी पर विराम, महंगी बिजली खरीद पर अंकुश व कम्पनियों के फिजूलखर्ची पर रोक लगाकर ग्रामीण व किसानों की व्यापक प्रस्तावित वृद्धि से राहत देने पर सरकार करेगी विचार।

लखनऊ 12 सितम्बर। प्रदेश के ग्रामीण व कृषि क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में अधिकतम लगभग 350 प्रतिशत प्रस्तावित वृद्धि महंगी बिजली खरीद बिजली कम्पनियों द्वारा की जा रही अनाप-शनाप फिजूलखर्ची घटिया मीटर खरीद व ऊर्जा क्षेत्र में कन्सल्टेन्टों के मकड़जाल के मुद्दे पर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आज प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर प्रभावी वार्ता की। मा. मंत्री जी के साथ उपभोक्ता परिषद की वार्ता काफी सार्थक व प्रभावी रही। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने मा. मंत्री जी के सामने दो पक्षीय वार्ता में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं खासतौर पर ग्रामीण व किसानों की बिजली दरों में व्यापक बढ़ोत्तरी पर अनेकों आंकड़े प्रस्तुत कर बिजली दर में वृद्धि न करने की मांग उठायी और साथ ही यह मुद्दा भी रखा कि बिजली कम्पनियां अनाप-शनाप खर्च कर रही हैं। पिछले साल ओएनडम में जहां 3200 करोड़ रूपये खर्च अनुमोदित था, इस साल मनमाने तरीके से 7622 करोड़ बिजली दर में प्रस्तावित किया गया। बिजली कम्पनियों द्वारा लगभग 400 करोड़ रूपये के मीटर खरीद व लगाने के आर्डर दे दिये गये, जिसमें उच्च गुणवत्ता को दर किनार किया गया है, जिसमें पश्चिमांचल व पूर्वांचल कम्पनी प्रमुख है। उपभोक्ता परिषद ने यह भी मुद्दा उठाया कि पावर कार्पोरेशन कन्सल्टेन्टों के मकड़जाल में फंसा हुआ है, जिनकी सलाह पर मनमाने आंकड़े पेश कर जनता पर भार डालने का प्रयास किया जाता है। उपभोक्ता परिषद ने मा. मंत्री जी के सामने यह भी मुद्दा उठाया कि केन्द्रीय सेक्टर के कुछ उत्पादन गृहों की महंगी बिजली को दूसरे राज्यों ने सरेण्डर कर दिया लेकिन उप्र इसमें पीछे चल रहा है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को वार्ता के बाद यह आश्वासन दिया कि फिजूलखर्ची कम कर, महंगी बिजली खरीद पर अंकुश लगाकर, लाइन लास कम करके आम जनता/किसानों व ग्रामीणों को बिजली दर में राहत देने के लिये सरकार विचार करेगी। किसी भी बिजली कम्पनी द्वारा घटिया कम्पनी से मीटर खरीद बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, पूरे मामले की समीक्षा की जायेगी। सरकार द्वारा विगत दिनों प्रदेश की जनता को राहत देने के लिये अनेकों पीपीए निरस्त किये गये व कुछ उत्पादन गृहों के अनुबन्ध को समाप्त किया गया। आगे भी प्रदेश की जनता को चाहे वह कनेक्शन देने का मामला हो, अविकसित कालोनी में विद्युतीकरण का मामला हो या उपभोक्ताओं को कोई अन्य राहत देने का मामला हो सरकार उपभोक्ताओं के हित में सतत् निर्णय लेती रहेगी।

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