Home प्रेरणा हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की डोर को मजबूत करेगा ‘राखी ‘ का बंधन

हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की डोर को मजबूत करेगा ‘राखी ‘ का बंधन

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लखनउ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मुस्लिम शाखा कहा जाना वाला राष्ट्रीय मुस्लिम मंच देश में हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा बढाने के लिये अगले महीने देश भर में ‘राखी अभियान ‘ चलाएगा। इस राज्यवार अभियान की शुरुआत राजस्थान से की जाएगी।
मंच के संयोजक मोहम्मद अफजाल ने  बताया कि उनका संगठन देश में हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे को बढावा देने के लिये रक्षाबंधन के त्यौहार को एक मुहिम की शक्ल देगा। इस दौरान हिन्दू महिलाएं मुस्लिम भाइयों को राखी बाधेंगी और मुस्लिम बहनें हिन्दू भाइयों को रक्षासूत्र बांधकर उनसे अपनी रक्षा का वचन लेंगी।
उन्होंने बताया कि इसकी शुरआत आगामी तीन अगस्त को राजस्थान की राजधानी जयपुर से होगी। चार अगस्त को दिल्ली और पांच अगस्त को लखनउ में यह कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इनमें मंच के संरक्षक इंद्रेश भी मौजूद होंगे। मुस्लिम बहनें उन्हें भी राखी बांधेंगी। लखनउ में दो कार्यक्रम होंगे। एक कार्यक्रम खासतौर से दिव्यांगों के लिये रखा गया है।
अफजाल ने कहा कि देश की गंगा-जमुनी तहजीब को फिर से सींचने की कोशिश ही इस कार्यक्रम का मकसद है।
मंच संयोजक ने बताया कि हालांकि रक्षाबंधन सात अगस्त को है लेकिन उनके संगठन लगभग 12 राज्यों में अपनी इस मुहिम को चलाने का फैसला किया है, इसलिए रक्षाबंधन से पहले ही इसकी शुरआत की जा रही है। अगस्त का महीना रक्षाबंधन का ही है, इसलिये पूरे महीने देश के विभिन्न राज्यों में इस तरह के आयोजन किये जाएंगे।
अफजाल ने कहा कि हम सदियों से अपने सभी त्यौहारों को साथ मिलकर मनाते रहे हैं। रक्षा बंधन तो भाइयों द्वारा बहनों की रक्षा का वचन देने का मौका है। पूर्व में कई ऐसे दृष्टांत हैं जब मुस्लिम भाइयों ने हिन्दू बहनों की राखी की लाज रखी है।
उन्होंने कहा कि आगामी दो सितम्बर को बकरीद के मद्देनजर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच मुसलमानों से अपील करेगा कि वे इस त्यौहार पर गाय की कुरबानी ना करें। गोवध से हमारे बहुसंख्यक वर्ग की भावनाएं आहत होती हैं।
अफजाल ने कहा कि खुद मुहम्मद साहब ने सभी मुसलमानों से ताकीद की है कि वह किसी दूसरे धर्म की भावनाओं को आहत करने वाले काम ना करें। अगर ऐसा किया गया तो इंसाफ वाले दिन खुदा के सामने वह उन पीडतिों के पक्ष में गवाही देंगे।
उन्होंने कहा कि मुहम्मद साहब ने फरमाया है कि गाय के दूध में शिफा दवा है और गाय का मांस नुकसानदेह है।