लखनऊ । उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम प्रबंधतंत्र ने अपनी चार्टर्ड बस सेवा को महंगा कर दिया है। सहालग के शुरु होते ही रोडवेज ने वैवाहिक व अन्य कार्यक्रमों के लिए परिवहन निगम का बस बुक कराना महंगा कर दिया है। ऐसे में लोग निगम की बसें बुक न कराकर निजी बस आपरेटरों के पास जा सकते है। जनता पर बढ़े इस बोझ के पीछे जीएसटी है। वर्तमान में चार्टर बसों की बुकिंग 400 किलोमीटर तक प्रतिदिन संचालित होने पर 20 हजार 324 रुपये किराया वसूलता है। अब जीएसटी लगने से चार्टर बसों का सफर और महंगा हो गया। कार्यक्रम के लिए कोई परिवहन निगम की बस बुक कराना चाहता है तो उसके ऊपर बोझ बढ़ गया है। निगम ने चार्टर्ड बसों की बुकिंग में जीएसटी का टैक्स जोड़कर किराया वसूलेगा। परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक संचालन एचएस गाबा ने चार्टर्ड बसों की संशोधित दरों को तत्काल प्रभाव से लागू कराने के लिए प्रदेश भर के क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दिये है। पहले एक दिन का किराया 20 हजार रुपये के आसपास पड़ता था वहीं अब 21 हजार 340 रुपये देना पड़ेगा। इस प्रकार चार्टर बस की बुकिंग में 1016 रूपये का अलग से जीएसटी चार्ज लगेगा। एक दिन में अगर चार्टर्ड बस चार सौ किलोमीटर से ज्यादा सफर तय करता है तो इसके लिए 51 पए 35 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से अलग से देना होगा।







