जैसा कि हम सभी लोगों को यह जानकारी है कि हमारे देश के ज्यादातर घरों तक खाना पकाने के लिये गैस का इस्तेमाल होने लगा है, आमतौर पर गांव के अधिकतर घरों में खाना पकाने के लिए गैस का ही प्रयोग हो रहा है।
खाना पकाने के सन्दर्भ में, गैस स्टोव है जिसमें ऊष्मा के लिये आग पैदा किया जाता है जिसके लिये हम प्राकृतिक गैस, प्रोपेन, ब्यूटेन, द्रवीकृत पेट्रोल गैस या कोई अन्य ज्वलनशील गैस का प्रयोग करते है। गैस के उपयोग के पहले खाना पकाने के ईंधन के रूप में कोयला, लकड़ी या मिट्टी का तेल जैसे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों का ईंधनों के रूप में उपयोग होता था। सबसे पहले वर्ष 1820 के दशको में भारतीय शहरी घरों में गैस स्टोव का उपयोग होना आरम्भ हुआ।
यहां यह मुद्दा नही है कि पहले हमारे घरों में किस चीज से खाना बनाया जाता था। बल्कि विकास के साथ साथ किस तरह से हमारे घरों में खाने को पकाने ले लिए गैस का उपयोग ईंधन स्वरूप किया जाने लगा जिससे हमारे रोजमर्रे की जिंदगी पहले से अधिक आसान हो गई, लेकिन यहां यह प्रश्न है कि हमारे घरों में उपयोग होने वाले रसोई गैस इतनी बदबूदार क्यों होती है?
हमारे देश की बहुत बड़ी जनसंख्या वाली आबादी वर्तमान समय में LPG यानि रसोई गैस पर ही खाना बनाने का काम करती है। वैसे तो देश के शहरी इलाकों में रसोई गैस का इस्तेमाल काफी लम्बे समय से होता चला आ रहा है लेकिन देश के ग्रामीण अंचलों में इसकी पहुंच ने न केवल ग्रामीण महिलाओं को कई तरह की सुविधाएं मिली बल्कि घर का वातावरण भी लकड़ी चूल्हे के धूएं से सुरक्षित हो गया। इस समय देश के कई इलाकों में तो रसोई गैस को पाइपलाइन के माध्यम से उपभोगता के घर तक पहुँचाने का काम भी किया जा रहा है, जिसे PNG (Piped Natural Gas) के नाम से जानते है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि रसोई गैस ने हमारे देश के लोगों की जीवन स्तर को ऊंचा उठा कर बहुत सुगम कर दिया है। हालांकि, यह रसोई गैस सुविधाजनक होने के साथ-साथ कभी-कभी दुर्घटनाओं को आमंत्रित करते है।
रसोई गैस जो कि पूरी तरह से गंधहीन होती है यदि आपके घर में भी रसोई गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है तो आपने भी ध्यान जरूर दिया होगा कि रसोई गैस से उच्च क्षमता वाली दुर्गंध या बदबू आती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसोई गैस से यह बदबू क्यों आती है? जबकि LPG पूरी तरह से रंगहीन और गंधहीन होती है दरअसल सच्चाई यह है कि रसोई गैस अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आपके और हमारे परिवार के साथ ही साथ हमारे आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
गैस सिलिंडर पर लगे रेगुलेटर से या कीसी अन्य कारणवश गैस के रिसाव होने का पता लगाने के लिए गैस में कुछ रासायनिक यौगिक मिलाया जाता है।
रसोई गैस से होने वाले नुकसान से बचने के लिए उत्पादन के समय इनमें मर्कैप्टन (Mercaptan) नाम का एक विशेष रसायन को मिलाया जाता है। इस रसायन के मिले होने के कारण ही रसोई गैस में उच्च क्षमता वाली गंध आती है। इस गंध के कारण ही गैस के रिसाव होते ही इसका पाता सबको लग जाता है और हम तुरंत जरूरी उपाय कर एक बड़े पैमाने पर होने वाले क्षति को रोक सकते हैं।
- जी के चक्रवर्ती







