बाल संग्रहालय चारबाग में लखनऊ बुक फेयर-2021
लखनऊ, 6 मार्च 2021: परीलोक की या असल ज़िन्दगी की कहानियां, कार्टून, रंगबिरंगी तस्वीरें बच्चों को बहुत लुभाती है। ऐसी अनगिन पुस्तकों का खजाना बाल संग्रहालय चारबाग में चल रहे पुस्तक मेले में आया है। कल शाम उद्घाटित हुए मेले में आज सुबह से ही चहल पहल और बच्चों-युवाओं की गतिविधियां प्रारम्भ हो गयी थीं। मेले में आज पुस्तक प्रेमी लेखकों से भी रूबरू हुए। निःशुल्क प्रवेश वाला आत्मनिर्भर भारत थीम पर केन्द्रित यह मेला यहां 14 मार्च तक चलेगा।
पुस्तक मेले में बच्चों को अनेक ढंग से संस्कारित करने वाली और प्रेरक व्यक्तित्वों पर ढेर सारी किताबें हैं। नेशनल बुक ट्रस्ट के स्टाल में कहानियों में चालाक किसान और चार ठग, जैनेन्द्रकुमार की तीन कहानियां, पांच दोस्त, लाल पतंग और लालू, बोलती डिबिया, रेल चली जैसी किताबें हैं।

चिल्ड्रेन बुक ट्रस्ट के स्टाल में शिशुओं से लेकर बड़े होते बच्चों के लिए विविध विषयों के संग कविता-कहानियों की बेशुमार किताबें हिन्दी व अंग्रेज़ी भाषा में हैं। इनमें स्वच्छता, विज्ञान और पर्यावरण जैसे विषय भी शामिल हैं। प्रकाशन विभाग के स्टाल में सयानी मुनिया, रोबोट की शादी, सात सुरों का मेला, ब्लैक ब्यूटी सांची की गुड़िया, माउण्ट एवरेस्ट की गाथा, बनवासी बच्चे जैसी अनेक किताबें तो हैं ही; यहां 25 रुपये की मासिक बाल पत्रिका बाल भारती का हाल का अंक भी बिक रहा है।
प्रकाशन संस्थान दिल्ली के स्टाल पर जातक कथाएं, हितोपदेश, पंचतंत्र, तेनालीराम ओर लोककथाओं की पुस्तकें हैं। राजकमल के स्टाल पर गोपाल गौड़ की अनोखी दुनिया, मुल्ला नसीरुद्दीन व गोनू झा की अनोखी दुनिया जैसी रोचक बाल किताबें हैं। रीतेश बुक के स्टाल पर कलरिंग और अन्य बालोपयोगी साहित्य है। स्टारडम के स्टाल पर भी बच्चों की किताबें खूब हैं।
संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि हम अनेक गतिविधियों को मेले में शामिल कर इसे विविधता भरा रूप दे रहे हैं। आज सुबह से ही यहां विश्वम महोत्सव की गतिविधियां प्रारम्भ हो गयी थीं। आज यहां जीतेश श्रीवास्तव के संचालन में एसआरएम पब्लिक स्कूल, नृत्यांगन पर्फामिंग इंस्टीट्यूट के बच्चों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इसके अलावा इंटर-कॉलेज पोस्टर प्रतियोगिता, ओपन माइक सत्र, प्रदर्शनी टॉक शो इत्यादि का आयोजन भी किया गया।
लेखक हमारे बीच कार्यक्रम में अवध पर सर्वाधिक पुस्तकें लिखने वाले इतिहासविद् डा.योगेश प्रवीन पुस्तक प्रेमियों से रूबरू हुए। उनके साथ ही अवध के एक और जानकार लेखक रवि भट्ट भी पाठकों की जिज्ञासाओं के बीच मंच पर रहे। इन दोनों रोचक ढंग से नवाबों के रहन सहन और उनकी बनाई इमारतों और संस्कृति के बारे में बताया। संचालन आलोक पराड़कर ने किया। साथ ही लोगों के सवालों के जवाब भी दिए। देर शाम यहां आयोजित कवि सम्मेलन में कविताओं की गंूज उठी। मेले में महिला दिवस के अलावा ग्लूकोमा सप्ताह को ध्यान में रखते हुए ऑप्टीकुम्भ आयोजन की तैयारियां जोरों से चल रही है।
लखनऊ बुक फेयर 2021 के एसोसिएट्स प्रसार भारती-आकाशवाणी, रेडियोसिटी, मोतीलाल मेमोरियल सोसाइटी, विजय स्टूडियो, ऑर्गेनिक इंडिया, किरण फाउण्डेशन, ज्वाइन हैण्ड्स फाउण्डेशन, ऑरिजिंस, सेफ एक्सप्रेस, विश्वम फाउण्डेशन, जकसन, समाग्रा, स्टार टेक्नोलॉजीज, चोकामोर हैं।







