Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 553 पानी कम से कम पियो, अधिक लगे जो प्यास। कर लीजै बिजली बिना जीने का अभ्यास।। जीने का अभ्यास, तभी तन सुख पायेगा, हवा छानकर पियो, जमाना वह आएगा, ज्ञान चच्छु खुल गए, सुनो तब से यह जानी। नल में कचरा मिला, आ रहा जबसे पानी।। व्यंग:-सीएम त्रिपाठी
‘सेल्स’ अब सिर्फ बिजनेस नहीं, जीवन का जरूरी कौशल है! मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की नितीन ढबू की किताब का विमोचन