Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 688 राजा कोई भी बने, जनता को क्या फर्क। उसका तो हर हाल में, होना बेड़ा गर्क।। होना बेड़ा गर्क, यही अब लोकतंत्र है, अपनी झोली भरो, सभी का मूल मंत्र है, हर चुनाव के बाद। बजे उसका ही बाजा। जनता को क्या फर्क, बने कोई भी राजा।। -सीएम त्रिपाठी
‘सेल्स’ अब सिर्फ बिजनेस नहीं, जीवन का जरूरी कौशल है! मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की नितीन ढबू की किताब का विमोचन