Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 500 लुकते छिपते मत फिरो, मानसून श्रीमान। मत बनिए मुँहचोर अब, बरसो सीना तान।। बरसो सीना तान, जरा सी राहत आए, प्यासा है पूरा यूपी, तुम्ही से आस लगाए, हम तुम ‘छत्तीस’ रहे, निभें फिर कैसे रिश्ते। बिन पानी सब सून, फिरो मत लुकते छिपते।। -सीएम त्रिपाठी