Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 764 बदरा निर्मोही अरे, कैसा तेरा काम। तरसाते हो सौ किलो, तब देते सौ ग्राम।। तब देते सौ ग्राम, अरे दानी हो कैसे, गर्म तवे पर गिरो, बूँद पानी की जैसे, जला भुना हृदय, खून का कतरा-कतरा। जमकर बरसो जरा, अरे निर्मोही बदरा।। -सीएम त्रिपाठी #rain #Rain in the city #weather come on