Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, September 1
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    किसानों की जीत या सरकार का नया चुनावी पैंतरा!

    ShagunBy ShagunDecember 11, 2021Updated:December 11, 2021 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 631

    जी के चक्रवर्ती

    सरकार द्वारा किसानों पर जबरदस्ती मढ़े गए तीन कृषि बिल कानूनों के विरुद्ध किसानों द्वारा चलाये गए लम्बे आंदोलन के संघर्ष की परिणीति आखिर हो ही गयी। आखिरकार थक हार कर सरकार द्वारा सदन में तीनों कृषि बिल वापस ले ही लिए गए, अब आप इसे चुनावी चाल समझिये या मोदी सरकार का नया पैंतरा ! यह तो वक़्त ही बताएगा लेकिन जीत किसानों की हुयी और वह सर्कार पर दबाव बनाने में कामयाब रहे, लेकिन इस बीच जो सबसे ज्यादा किरकिरी हुयी तो वह सरकार के साथ गोदी मीडिया की जिसमें खुलकर कुछ कथित चैनलों का काला चेहरा बेनकाब होकर सामने आ गया। उनके सामने समस्या यह आ गयी कि जो अभी तक इन तीन कृषि कानूनों के फायदे गिना रहे थे उन्हें अब इसके साइड इफेक्ट कैसे गिनाये यह समझ नहीं पा रहे हैं इस मामले पर सरकार ने भी गोदी मीडिया से पल्ला झाड़ लिया है।

    फिलहाल लगातार तीन सौ अठत्तर दिन चले इस आंदोलन को ख़त्म करने बाद किसानों ने जीत का शानदार जश्न मनाया और घर वापसी का एलान भी किया। लेकिन इस आंदोलन में एक दुखद पहलू भी सामने आया वह यह कि इस आंदोलन में सात सौ नौ किसान भी शहीद हुए।

    Image

    आखिर में इस आंदोलन के सुपर हीरों व सयुंक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष राकेश टिकैत को लन्दन की एक संस्था द्वारा 21st सेंचुरी आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया संस्था ने बताया कि यह इस सदी का सबसे बड़ा व लम्बा आंदोलन था।

    इस सदी के सबसे बड़े कृषि आंदोलन के प्रणेता देश ही नहीं दुनिया के अभूतपूर्व किसान आंदोलन को सफलता के मुकाम तक पहुंचाने वाले राष्ट्रीय किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत जी को लंदन में 21वीं सेंचुरी आइकॉन अवार्ड से नवाजा गया। राकेश टिकैत ने इस अवार्ड को आंदोलन में शहीद किसान साथियों को समर्पित किया है।

    फिलहाल किसान तो जीत गए लेकिन अभी भी MSP को कानूनी जामा नही पहनाया जा सका दरअसल नियुन्तम समर्थन मूल्य को कानूनी जामा पहनाया जाना इतना सहज भी नही है क्योंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दायरे में लेते ही यदि देश मे कहीं पर भी इससे कम मूल्य पर अनाज की खरीद की जाती है तो यह अपराध के श्रेणी में आ जायेगा। इसमे दूसरी जो महत्वपूर्ण बात है कि आनाज चाहे किसी भी श्रेणी का हो लेकिन खरीदार को वही मूल्य चुकाना पड़ सकता है तो अब यहां प्रश्न उठता है कि आखिर अनाज की श्रेणी कैसे और कौन निर्धारित करेगा कि जिसकी बात किसानों एवं खरीदार दोनों ही को मान्य हो?

    Image

    अभी फिलहाल सरकार द्वारा एक कमेटी का गठन कर इस समस्या का हल निकालने के लिए उसे मनोनीत किया गया है। रह गयी बात मृत किसानों के परिवार वालों को मुआवजा, पराली जलाने और बिजली बिल संम्बंधी मामले जो कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों के द्वारा हल किया जायेगा तो किसानों के अभी भी आंदोलनरत रहने का कोई औचित्य ही नही है।

    किसानों के धरना आंदोलन 378 दिनों के बाद स्थगित हो जाने से अब किसानों के घर लौटने की ओर अग्रसर है लेकिन यदि हम किसानों की इस संघर्ष की जीत की बात करें तो इस जीत का वास्तविक श्रेय उन गुमनाम किसानों और उन 709 शहीद किसानों की आहुति का नतीजा है जो आज उनके जीत के जश्न को मनाने के लिए जीवित नही है। आज संघर्षरत किसान सहर्ष अपने-अपने घर वापस लौट रहे हैं।

    9 दिसम्बर 2021 के दिन एक चैनल को दिये गए साक्षात्कार में किसान नेता गुरमीत सिंह चढूनी द्वारा यह कहते हुये किसान आंदोलन को स्थगित किये जाने की बात स्वीकार गया नाकि आंदोलन वापस लेने की बात कही ऐसा कहने को लेकर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट लहजे में यह कहा कि आंदोलन वापसी का निर्णय तभी लिया जायेगा जब सरकार द्वारा किसानों की समस्त मांगे मान कर उसे क्रियान्वित किया जायेगा क्योंकि इस सरकार की कथनी और करनी में बहुत बड़ा अंतर है। इसलिये हम आंदोलन स्थगित करने की बात कह रहे हैं क्योंकि जब तक सरकार द्वारा हमारी सभी मांगों को मान कर उसका कार्यान्वयन नही किया जायेगा तब तक आंदोलन समाप्त नही होगा हम आगे भी संघर्ष करने के लिये तैयार हैं। किसानों के हिम्मत संघर्ष के आगे आज सम्पूर्ण राष्ट्र नत मस्तक है।

    Shagun

    Keep Reading

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    सिद्धांतों की बलिवेदी में सत्ता का बलिदान देने वाला जननायक

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    CM Yogi launches a scathing attack on the opposition, saying, "Earlier, there was no development in UP; instead, riots used to take place."

    सीएम योगी का विपक्ष पर करारा हमला‘ कहा : पहले यूपी में विकास नहीं, दंगे होते थे’

    Fed grain to a peacock, gave fodder to a cow... PM Modi shared a video ahead of the Red Fort event.

    मोर को दाना खिलाया, गाय को चारा दिया… पीएम मोदी ने लाल किले से पहले वीडियो साझा किया

    CBI probe needed into Phoolan Devi's murder: Dr. Sanjay Nishad

    फूलन देवी हत्या की सीबीआई जांच होनी चाहिए: डॉ. संजय निषाद

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts

    अराइया गिर: जंगल के बीच एक सुकून भरी छुट्टी

    August 31, 2026
    Soulful bhajan ‘Aan Baso Mere Man Darpan Mein’ released on Janmashtami.

    जन्माष्टमी पर रिलीज हुआ भावपूर्ण भजन ‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’

    August 26, 2026
    Shopping just got even more stylish! Sara Ali Khan launches Shoppers Stop's new credit cards.

    शॉपिंग अब और भी स्टाइलिश! सारा अली खान ने लॉन्च किए शॉपर्स स्टॉप के नए क्रेडिट कार्ड

    August 26, 2026
    Azim Premji Foundation to provide scholarships to 20,000 female students in Delhi.

    अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन दिल्ली में 20,000 छात्राओं को देगा स्कॉलरशिप

    August 26, 2026
    Women sanitation workers tied Rakhis to the Urban Development Minister.

    स्वच्छताकर्मी महिलाओं ने नगर विकास मंत्री को बांधी राखी

    August 26, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading