Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Friday, September 25
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    हर शहर की कहानी है अवैध वसूली

    ShagunBy ShagunApril 19, 2025Updated:April 24, 2025 ब्लॉग No Comments8 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 517

    ओम माथुर

    बेचारे कांस्टेबल सुरेंद्र व ओम प्रकाश और चालक राजू। तीनों शहर से दूर ब्यावर रोड स्थित बकरा मंडी के पास वाहनों से वसूली करते हुए धर लिए गए। इनका वीडियो वायरल हुआ और एसपी वंदिता राणा ने तीनों को सस्पेंड कर दिया। बेचारे इसलिए लिखा कि जब पूरे अजमेर में लगभग हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस चौथवसूली कर रही हो और अफसरों की नजरों से बची हुई हैं। वहीं शहर से दूर निंश्चित होकर वसूली कर रहे हैं तीनों पुलिस वालों को कहां इस बात की आशंका होगी कि कोई उनका वसूली का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा और उनके लेने के देने पड़ जाएंगे।

    वीडियो में नजर आ रहा है कि बकरा मंडी से निकलने और गुजरने वाले हर वाहन से ₹100 वसूल किए जा रहे हैं और चालक भी बिना किसी बहस या विरोध के पैसे दे रहे हैं। जिस तरह पैसे दिए और लिए जा रहे हैं उससे साफ जहिर है की यह वसूली कोई पहली बार नहीं हो रही थी। जो भी यहां ट्रैफिक ड्यूटी पर रहता होगा, वह पुलिसकर्मी यह वसूली कर रहा होगा। यानी इन तीनों सिपाहियों के अलावा और भी यातायात पुलिसकर्मी इस वसूली में विभिन्न दिनों में शामिल रहे होंगे। शायद किसी दिलजले वाहन चालक ने बार-बार पैसे देने से परेशान होकर इन तीनों का वीडियो बनाकर पूरी ट्रैफिक पुलिस की सच्चाई सामने ला दी। इन वाहनों में बकरा मंडी से गए बकरे तो बाद में हलाल होंगे। लेकिन इन बकरों के कारण तीन पुलिस वाले निलंबन के हलाल जरूर हो गए। यातायात पुलिसकर्मियों और अवैध वसूली का रिश्ता अटूट है। बिल्कुल दिए में तेल और बाती की तरह। ये राष्ट्रव्यापी समस्या है। शायद हर राज्य,हर शहर की।इसी साल से लागू नए मोटर वाहन नियमों के तहत चालान की राशि इस कदर बढ़ा दी गई है कि वसूली दिन दूनी रात चौगुनी की रफ्तार से बढ़ गई है। ऐसे में यातायात पुलिस के चंगुल में फंसने वाला वाहन चालक किसी भी तरह ऊपर से कुछ देकर पीछा छुड़ाना चाहता है।

    पहले जान लीजिए नए नियमों में जुर्माना और चालान है कितना। जैसे हेलमेट नहीं पहनने,सीट बैल्ट नहीं लगाने या दोपहिया वाहनों पर तीन सवारियां बैठाने पर एक हजार रुपए जुर्माना। ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने पर 5000 जुर्माना। वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने पर 5000 का जुर्माना। नशे की हालत में गाड़ी चलाते पकड़े जाने पर ₹10000 का जुर्माना और 6 माह तक की जेल। ओवरलोडिंग ₹20000 जुर्माना। अगर कोई नाबालिक ट्रैफिक नियम तोड़ता है तो 25 हजार का जुर्माना और 3 साल तक वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द। खतरनाक ड्राइविंग या रेसिंग करने पर पकड़े जाने पर 5000 जुर्माना,अगर लाइसेंस नहीं है तो 5000 जुर्माना और इंश्योरेंस भी नहीं है, तो 20000 का जुर्माना। साथ ही 3 महीने की जेल। प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं होने पर ₹2000 जुर्माना और 6 महीने की जेल। सरकार ने तो जुर्माना इसलिए बढ़ाया था कि लोग यातायात नियमों की सख्ती से पालना करें। लेकिन लोग तो सुधरे नहीं,यातायात पुलिस की मौज हो गई।

    अजमेर में ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का अवैध कलेक्शन लाखों रूपए प्रतिदिन होगा। शायद यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों को पकड़ कर बनाए जाने वाले चालानों की वैध रकम से कई गुना ज्यादा। शहर के हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस वाले मानो शिकारी की तरह तैयार रहते हैं। यातायात नियमों की कोई वाहन चालक पालना करें या ना करें। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन हेलमेट नहीं पहनने, कार में सीट बैल्ट नहीं लगाने वाले,मोबाइल पर बात करते वाहन चालकों पर उनकी नज़रें गिद्ध सी जमी रहती है। दूर से ही ताड़ लेते हैं,शिकार आ रहा है। पकड़ने के लिए सड़क के दोनों ओर फील्डिंग जमा लेते हैं।आईपीएल में कोई अच्छे से अच्छा फील्डर कैच छोड़ सकता है,लेकिन ट्रैफिक पुलिस वाले ऐसे वाहनों को मुस्तैदी से लपक लेते हैं। भारी जुर्माने से सहमा वाहन चालक भी सौदेबाजी करके पीछा छुड़ाना चाहता है और यही ट्रैफिक पुलिस वालों की कमाई होती है। अगर किसी चौराहे पर ऐसे सौ-दो सौ वाहन लपक लिए जाते हैं,तो दस-बीस के चालान बनाकर बाकी से वसूली कर रवाना कर दिया जाता है। दस फीसदी कमाई विभाग की और 90 फीसदी खुद की। यानि नौकरी में ईमानदारी और बेईमानी साथ-साथ। इसके अलावा विशेष रूप से अजमेर आने वाले दूसरे राज्यों के चारपहिया वाहनों पर इनकी विशेष कृपा होती है। पुष्कर और दरगाह जैसे धार्मिक स्थल होने के कारण अजमेर में आए दिन हजारों लोग दूसरे राज्यों से आते हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले चारपहिया वाहन देख यातायात पुलिसकर्मी उन्हें रोकने को ऐसे झपटते हैं,मानो वाहन में कोई आतंकवादी या गिरोह हो और उन्हें शहर में उनके प्रवेश की जानकारी हो। ऐसे वाहनों को रोककर लाइसेंस, इंश्योरेंस, पोल्यूशन जैसे कागजात की जांच के नाम पर उन्हें परेशान कर चालान तो बनाया नहीं जाता, बल्कि अच्छी खासी रकम वसूल ली जाती है। इस तरह के दृश्य आप शहर के हर चौराहे पर देख सकते हैं खास तौर पर जीसीए चौराहे, आगरा गेट चौराहा, महावीर सर्किल चौराहा,रीजनल कॉलेज चौराहा, 9 नंबर पेट्रोल पंप के आसपास, बस स्टैंड सर्किट, राजा साइकिल चौराहा आदि। कभी इन चौराहों पर अगर ट्रैफिक जाम लग जाए, तो आपको ढूंढने से भी यातायात पुलिसकर्मी नजर नहीं आएंगे,लेकिन दिन भर में कभी भी निकल जाइए,शिकार करते दिख जाएंगे।

    शहर में कुछ स्थान ऐसे भी हैं,जहां ट्रैफिक का दबाव कभी-कभी ही होता है। लेकिन आपको हमेशा वहां पांच-छह ट्रैफिक पुलिस वाले मिलेंगे। अपनी बाइक पर बैठे मोबाइल देखते हुए या चाय पीते हुए। पता नहीं इनकी यहां नियुक्त की जाती है या अपनी मर्जी से वसूली की असीम संभावना देख पहुंच जाते हैं। इसमें सबसे प्रिय जगह ऋषि घाटी घाटी बायपास मार्ग है। यहां घाटी वाले बालाजी मंदिर के सामने और बारादरी के प्रवेश द्वार के पास हमेशा ट्रैफिक पुलिस के चार-पांच जवान बैठे रहते हैं। दूसरे राज्यों से आने वाले हर वाहन को रोककर जांच करते हैं और खुलेआम वसूली करते रहते हैं। लेकिन शायद ही इस सड़क पर कभी उन्होंने ई-रिक्शा या तांगे वालों को व्यवस्थित करने की कोशिश की हो,जो यातायात में दिन भर बाधा डालते रहते हैं। ऐसे ही कई रास्तों के बीच में भी पुलिसकर्मी इधर उधर लगभग छिपकर खड़े रहते हैं और जैसे ही बिना हेलमेट या बिना सीट बैल्ट कोई दिखता है,झपट पड़ते हैं।

    ट्रैफिक पुलिस कर्मी वसूली में भी विशेष सावधानी बरतते रखते हैं। इनमें से अधिकांश ने हर चौराहे पर किसी होटल वाले को, किसी जूस वाले को, किसी दुकान वाले को या किसी पान वाले को अपना कलेक्शन सेंटर बना रखा है। वाहन चालक को लपेटने के बाद यह पैसे वहां जमा कराने की कहते हैं। ताकि खुद की जेब खाली रहे और अगर कभी आनडयूटी अचानक कभी जांच हो भी जाए तो ईमानदारी बरकरार रहे। एक होशियारी और बरतते हैं। चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जद से दूर रहकर ही वाहन चालकों से सौदेबाजी करते हैं। शहर के छोटे भारवाहक वाहनों को तो एक और सुविधा मिली हुई है। एक विशेष नाम का स्टीकर अगर उस टेंपो पर लगा है,तो ट्रैफिक पुलिस उसे नहीं रोकती। पता नहीं इस छूट के लिए पहले ही कोई टेंडर हो जाता है क्या? एसपी वंदिता राणा ने तुरंत एक्शन लेकर संदेश तो दिया है। लेकिन अवैध वसूली के इस महासागर में ये ऊंट के मुंह में जीरा जितनी कार्यवाही भी नहीं है। इसके लिए पुली कज आला अधिकारियों को अपने स्तर पर ईमानदार पुलिसकर्मियों की टीम बनाकर निरंतर और नियमित निगरानी कराकर भ्रष्टा कर्मियों पर कार्यवाही करनी होगी। अन्यथा लोगों में तो यही मैसेज जाता है कि इस तरह वसूली गई रकम नीचे से ऊपर तक बंटती है। वैसे यातायात पुलिस कर्मियों की अवैध वसूली सालों से चल रही है और वक्त- वक्त पर कहीं शहरों व हाईवे से इसके वीडियो वायरल भी होते हैं। लेकिन ना ये पहले रुकी है और ना रूकने वाली है। लेकिन सोचिए,अगर वसूली की जगह पुलिस ईमानदारी से चालान बनाने लग जाए तो सरकारी आय में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है और यातायात भी सुधरेगा ही।

    अब अवैध वसूली की कोशिश के दो आंखों देखे किस्से:

    1. पहला: कुछ समय पहले मैं जीसीए चौराहे पर खड़ा था। तभी गुजरात नम्बर की एक कार को रोककर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने साइड में ले लिया। कार में पूरा परिवार था। एक पुलिसकर्मी ने कार चला रहे हैं व्यक्ति से जो भी कागजात मांगे, उसने सब उपलब्ध करा दिए। यानी चालान बनाने या वसूली का कोई स्कोप नहीं था। यह देखकर पुलिसकर्मी निराश हो गया। लेकिन फिर भी बेशर्मी से बोला चाय-पानी के पैसे तो देते जाओ। आखिर उससे सौ रूपये वसूल कर ही जाने दिया। लेकिन जाते हुए चालक ये ताना मारकर गया कि, पहले ही बोल देता इतना समय क्यों खराब किया।
    2. दूसरा:आगरा के चौराहे पर यूपी नंबर की एक महंगी कार देखकर ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने रोकी। कार को कांग्रेस का एक नेता चला रहा था,जबकि बगल की सीट पर एक पूर्व कांग्रेसी विधायक बैठा था। पुलिसकर्मी शायद नया-नया था। इसलिए दोनों को नहीं पहचानता था। उसने जैसे अपने अंदाज में बातचीत शुरू की, कार चालक नेता उतरा और तेवर दिखाते हुए चिल्लाने लगा। तभी दूर खड़ा एक वरिष्ठ पुलिसकर्मी आया और अपने साथी को डांटते हुए दोनों से माफी मांग कर उन्हें रवाना कर दिया।

    Shagun

    Keep Reading

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.

    ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ खैरा भवानी

    People grappling with the unending problem of adulteration.

    मिलावट की अंतहीन समस्या से झूझते लोग

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Vijay’s Story vs. Rajveer’s Investigation: A Powerful Clash Awaits in ‘Drishyam: The Conclusion’

    ‘आक्रोश’ के बाद फिर आमने-सामने अजय देवगन और जयदीप अहलावत

    September 24, 2026

    यूपी समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन कमजोर होने लगा

    September 24, 2026
    Euler Motors opens 15th showroom in Delhi-NCR; 122 outlets nationwide.

    ऑयलर मोटर्स ने दिल्ली-NCR में खोला 15वां शोरूम, देशभर में 122 आउटलेट्स

    September 24, 2026

    पांच शहरों में FSDA की बड़ी कार्रवाई, 7 रेस्तरां के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति

    September 24, 2026
    Anant Chaturdashi is on September 25; Lord Vishnu's 'Anant' (infinite) form will be worshipped.

    अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को, भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की होगी पूजा

    September 24, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading