लखनऊ, 10 मई। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने काननू व्यवस्था के मुद्दे पर योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। गुरुवार को राजधानी लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में अखिलेश यादव ने मेरठ के नरेंद्र गुर्जर और उन्नाव में रेप पीड़िता के पिता की जेल में मौत का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के उत्पीड़न ने दोनों की जान ली है। यह सरकार एनकाउंटर के जरिए भय का माहौल बनाना चाहती है। पहले एनकाउंटर करती है, फिर ईनाम घोषित कर दिया जाता है। अखिलेश यादव ने सरकार से उन अपराधियों की सूची जारी करने की मांग की है, जिनपर ईनाम घोषित किया गया है।
सीतापुर में कुत्तों के हमलों से बच्चों की मौत के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर करने वाली सरकार कुत्तों के हमलों से बच्चों को क्यों नहीं बचा पा रही। अखिलेश यादव ने जेल में हुई मौतों पर पीड़ित परिवार के सदस्यों को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि हम पर आरोप लगता था कि हम धर्म देखकर मुआवजा देते हैं। अब तो पीड़ित परिवार हिंदू हैं, फिर मुआवजा क्यों नहीं दिया जा रहा। अखिलेश यादव ने कैराना और नूरपुर उपचुनाव से पहले बीजेपी नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी की तीखी आलोचना की।
बीजेपी को यह बताना चाहिए कि पाकिस्तान में खीर किसके नेताओं ने खाई:
उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता उल्टे सीधे बयान देकर मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना चाहते हैं। सपा की जीत पर पाकिस्तान में आतिशबाजी के बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने कहा कि बीजेपी को यह बताना चाहिए कि पाकिस्तान में खीर किसके नेताओं ने खाई। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के नेता चुनाव के वक्त किसानों और युवाओं की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव आज राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के सवाल को टाल गए।
उन्होंने कहा कि अभी इस बात पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। देश के प्रधानमंत्री के नाम पर फैसला तो लोकसभा चुनाव के बाद ही हो सकेगा। अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बारे में कांग्रेस के अध्यक्ष क्या कहते हैं, इस पर मुझे कुछ भी नहीं बोलना है।







