दिग्गज महिलाएं नारी संसद में उठाएंगी आवाज, परमार्थ निकेतन में होगा जमावड़ा

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समाज सेवी अजीत सिंह ने दी जानकारी, सम्मेलन में उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केरल के राज्यपाल मो. आरिफ, केंद्रीय संस्कृति मंत्री अर्जुन राम मेघवाल करेंगे शिरकत

लखनऊ, 04 अक्टूबर । लोक संसद का अगला जुटान 8-9 अक्टूबर 2022 को परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में होने जा रहा है। इस बार विमर्श के केंद्र में भारतीय नारी रहेगी और उनकी संसद लगेगी। दो दिवसीय इस संसद के चार सत्र होंगे। चूंकि भारतीय समाज की प्राथमिक इकाई परिवार है और इसके केंद्र में महिला है तो पहला सत्र परिवार की संरचना और कार्य संचालन पर रहेगा।
दूसरे सत्र में विदुषी वक्ता खुद बताएंगी कि भारतीय नारी के लिए क्या-क्या करना ठीक रहेगा, उसके सपने क्या हैं और चुनौती कहां आ रही है। तीसरा सत्र नारी शिक्षा, स्वास्थ्य व पर्यावरण से जुड़ा है। यह जानकारी समाजसेवी व कार्यक्रम के आयोजक मंडल के सदस्य अजीत सिंह ने दी।

अजीत सिंह ने कहा कि पहले और तीसरे सत्र के दो हिस्से हैं। पहला संबोधन, जिसमें वक्ता विस्तार से विषय की बारीकियों पर बात रखेंगी, जबकि दूसरा हिस्सा संवाद है, जिसमें बुनियादी जरूरतों को जमीन पर लाने वाली महिलाएं व इनका समूह अपना अनुभव शेयर करेगा। हर सत्र में परमार्थ निकेतन के बच्चे लघु नाटिका से विषय विशेष पर नाट्य मंचन करेंगे।

उन्होंने कहा कि नारी संसद के अलग-अलग सत्रों में मुख्य अतिथि के तौर पर आरिफ मोहम्मद खान, राज्यपाल, केरल, आनंदी बेन पटेल, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश, केंद्रीय संस्कृति मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, विधानसभा अध्यक्ष, उत्तराखंड, ऋतु खंडूडी भूषण की अभी तक औपचारिक सहमति मिल गई है। अभी कई सम्मानित लोगों से औपचारिक पत्र नहीं प्राप्त हुआ है। इसके साथ परमार्थ के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, चिंतक व विचारक केएन गोविंदाचार्य व जल पुरूष राजेंद्र सिंह का सानिध्य मिलेगा।

अजीत सिंह ने कहा कि सांसद मनोज तिवारी, पर्यावरणविद वंदना शिवा, कई विश्वविद्यालयों की महिला कुलपति बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत करेंगी। इसके अलावा दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर समेत दूसरे विश्वविद्यालयों की प्रोफेसर, उत्तराखंड से तमिलनाडु तक की एन्टरप्रेन्योर, शोधार्थी और जमीन पर काम करके समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहीं महिलाएं भी अपने अनुभव से नारी संसद को समृद्ध करेंगी।

समाजसेवी अजीत ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन का मकसद भारतीय नजरिए से महिलाओं के अतीत और वर्तमान पर संजीदा विमर्श को आगे बढ़ाना है। इससे व्यावहारिक ज्ञान की जो धारा निकलेगी, उससे भविष्य की कार्ययोजना के प्रस्ताव तैयार होंगे।

उन्होंने कहा कि भारतीय चिंतक केएन गोविंदाचार्य के संरक्षकत्व में आयोजित दो दिवसीय नारी संसद की अध्यक्षता परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि जी करेंगे। बतौर सह संयोजक आयोजन की पूरी कार्ययोजना तैयार करने और उसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रो. प्रत्युश वत्सला, प्रो. शीला मिश्रा, प्रो. सीमा सिंह और प्रो. कुमुद शर्मा उठा रही हैं। अमेरिकी दूतावास के राजनीतिक सलाहकार संयोजक, वरिष्ठ पत्रकार रविशंकर तिवारी, कार्यकारी संयोजक व विचारक प्रो पीएन मिश्रा सलाहकार की भूमिका में होंगे।

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