अमेरिकी नौसेना ने शुरू की बड़ी सप्लाई मुहिम
नई दिल्ली : अमेरिकी सेना पश्चिम एशिया में लंबे युद्ध की पूरी तैयारी कर रही है। अमेरिकी नौसेना अपने जहाजों के जरिए ईंधन, खाना, हथियार और अन्य जरूरी सामान की भारी खेप भेज रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें जारी कर इसकी पुष्टि की है।
तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Delbert D. Black पर ईंधन, राशन, हथियार और सैन्य उपकरण लोड किए जा रहे हैं। यह तस्वीरें ऐसे समय में आई हैं जब पूरा इलाका तनाव से गुजर रहा है।
24 घंटे में 6 हजार टन से ज्यादा हथियार इजराइल पहुंचे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में इजराइल को 6,000 टन से ज्यादा गोला-बारूद और हथियार भेजे हैं। दो कार्गो जहाजों और कई विमानों से 6,500 टन सैन्य सामग्री पहुंचाई गई, जिसमें मिलिट्री ट्रक, जॉइंट लाइट टैक्टिकल व्हीकल और आधुनिक हथियार शामिल हैं।
युद्ध शुरू होने के बाद अब तक अमेरिका इजराइल को 1,15,600 टन से ज्यादा गोला-बारूद और हथियार पहुंचा चुका है। यह आंकड़ा इंगित करता है कि अमेरिका इस बार किसी भी लंबे संघर्ष के लिए तैयार है।
ट्रंप को दिए ईरान पर हमले के विकल्प, हाइपरसोनिक मिसाइलें भी तैयार
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रेड कूपर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में मुलाकात की। बैठक में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विस्तार से चर्चा हुई।
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अगर ट्रंप दोबारा हमला करने का फैसला करते हैं तो छोटा लेकिन बेहद ताकतवर सर्जिकल स्ट्राइक किया जाएगा। इसमें ईरान की बची हुई सैन्य क्षमता, उसके प्रमुख नेता और महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया जाएगा।
अमेरिकी सेना इस बार और ज्यादा मारक हमले की तैयारी कर रही है। इसमें बर्क ईगल हाइपरसोनिक मिसाइलें जैसे नए और उन्नत हथियारों के इस्तेमाल पर भी विचार चल रहा है।
ईरान भी तैयार, सीजफायर का फायदा उठाकर हथियार निकाल रहा
अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि ईरान सीजफायर का फायदा उठाते हुए उन हथियारों को निकाल रहा है जो पिछले हमलों में छिपाए गए थे। तेहरान में गुरुवार रात एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होने की खबर भी आई।
ईरानी मीडिया ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ के मुताबिक, छोटे ड्रोन या टोही विमानों को मार गिराने के लिए सिस्टम सक्रिय किए गए थे। हालांकि यह अभ्यास था या असली खतरे का जवाब, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
ईरान पलटवार में कर सकता है बड़े हमले
अमेरिकी अधिकारियों का आकलन है कि अगर ट्रंप ने फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू की तो ईरान अपनी बढ़ी हुई ड्रोन और मिसाइल क्षमता का इस्तेमाल पश्चिम एशिया के अन्य देशों पर हमले के लिए कर सकता है।
बता दें कि वर्तमान हालात देखते हुए पश्चिम एशिया में फिर से बड़ा टकराव होने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका की तेजी से हो रही सैन्य तैयारी और इजराइल को लगातार हो रही सप्लाई इस बात का संकेत है कि वॉशिंगटन इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। फिलहाल अपडेट जारी रहेगा…।







