जकार्ता, 26 नवंबर 2025 : इंडोनेशिया के युवा उद्यानविज्ञानी सेप्टियन एंड्रीकीथ (Septian Andrikith) उस पल को जीवनभर नहीं भूल पाएंगे, जब सुमात्रा के घने वर्षावन में अचानक उनके सामने “रैफलेसिया अर्नोल्डी” खिल उठा — दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे दुर्लभ फूल। 13 साल… हज़ारों किलोमीटर पैदल जंगल की खाक छानने के बाद जब यह लाल-भूरा विशाल फूल (व्यास 1 मीटर, वजन करीब 11 किलो) उनके सामने खिला तो सेप्टियन भावुक होकर रो पड़े। वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिसमें वह फूल के सामने हाथ जोड़कर खड़े हैं और आंसुओं से तर आँखें खुशी से चमक रही हैं।“ वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें :-
https://x.com/i/status/1993227973869351237
कॉर्प्स फ्लावर” की खास बातें:

नाम: रैफलेसिया अर्नोल्डी (Rafflesia arnoldii)
खासियत: दुनिया का सबसे बड़ा एकल फूल
व्यास: 1 मीटर तक | वजन: 7-11 किलो
गंध: सड़े मांस जैसी तेज़ बदबू (मक्खियों को बुलाती है)
कोई पत्ती, जड़ या तना नहीं — पूरी तरह परजीवी
खिलने का समय: सिर्फ 5-7 दिन, फिर मुरझा जाता है
जगह: सिर्फ इंडोनेशिया और मलेशिया के वर्षावन
स्थिति: गंभीर रूप से लुप्तप्राय (Endangered)
सेप्टियन ने बताया,
“13 साल से मैं इसी एक पल के लिए जंगल-जंगल भटक रहा था। हर बार उम्मीद टूटती थी, लेकिन आज जब यह फूल मेरे सामने खिला तो लगा जैसे सारी मेहनत सफल हो गई। ये आंसू खुशी के हैं… प्रकृति के हैं।”
सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं –“कामयाबी जब इतने लंबे इंतज़ार के बाद मिलती है तो आँख से आंसू छलक ही जाते हैं।”
“एक वैज्ञानिक का जुनून… एक फूल ने पूरी दुनिया को रुला दिया।”यह खोज न सिर्फ सेप्टियन के लिए व्यक्तिगत जीत है, बल्कि सुमात्रा के वर्षावनों में बचे अंतिम रैफलेसिया आवासों को बचाने की नई उम्मीद भी जगाती है। प्रकृति प्रेमियों के लिए इससे खूबसूरत पल शायद ही कोई हो!







