एंड टीवी पर प्रसारण: शनिवार 19 अक्टूबर रात 8:00 बजे ज्वलंत मुद्दे पर आधारित फिल्म ‘आर्टिकल 15 ‘ में ऊंची- नीची जाति के लोगों के बीच खेले जा रहे भेदभाव को दर्शाया गया है। यह फिल्म दर्शकों को जातिगत भेदभाव और इससे जुड़े पूर्वाग्रह और सामाजिक नजरें के बारे में सोचने पर मजबूर कर देती है। अभिनेता आयुष्मान खुराना इस तरह की फिल्म पहली बार कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने अपने कंफर्ट जोन से बाहर आकर एक ऑफिसर की भूमिका निभाई है। उनके साथ में ईशा गुप्ता, मोहम्मद जीशान, अय्यूब, कुमुद मिश्रा और मनोज पाहवा ने भी महत्वपूर्ण है। बता…
Author: jetendra Gupta
राहुल कुमार दिल्ली के सिहांसन में अहम भूमिका निभाने वाले राज्य उत्तर प्रदेश में इस बार के लोकसभा चुनाव में स्थितियाँ बड़ी रोचक बन रही है। बड़े-बड़े मीडिया की नजर बड़े-बड़े दल की ओर इनायत है किन्तु यहाँ कुछ ऐसा भी है जो कई सर्वे को चौंकाने वाला साबित हो सकता है। हाँ! बिहारी लाल जी का एक दोहा यहाँ चरित्रार्थ होने वाला है। “…देखन में छोटन लगत घाव करे गंभीर..”। इस चुनावी महासमर के दो चक्रव्यूह और बचे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में जहाँ मोदी लहर के चक्रवात में सब दल धराशायी हो गये वहीं मिशन 2019 में मोदी…
बुद्ध के बाद वो भी कलियुग का उद्धार कर गये। दलितों-पिछड़ों को भी जीने का अधिकार दे गये।। पशुओं से भी बद्तर थी जिंदगी जिनकी। उनको संविधान के द्बारा बेहतर सम्मान दे गये।। इंसानों को इंसानों में शामिल कर इतिहास रच गये। जो न कर पाये अवतार वो देखो भीमराव कर गये।। मानवता का सच्चा वो अध्याय रच गये। सामंतवादी कुरीति पर शांति का प्रहार कर गये।। वंचितों को भी सपने देखने का अधिकार दे गये। अवतारों से बढ़कर अम्बेडकर नेक कार्य कर गये।। धरती से ज्यादा असीम धैर्य था जिन पर। ऐसे वर्ग को देखो मानव होने का वरदान…
पंकज चतुर्वेदी भारत सरकार के राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो के आंकड़े गवाह हैं कि राजधानी दिल्ली से बीते चार सालों में बच्चों के गुम होने की 27,356 रिपोर्ट दर्ज की गई जिनमें से 19,565 बच्चों को ही तलाशा जा सका। लगभग आठ हजार बच्चों का कुछ पता नहीं चल पाया है। देश में हर साल औसतन 90,000 बच्चों के गुम होने की रिपोर्ट थानों तक पहुंचती हैं जिनमें से 30,000 से ज्यादा का पता नहीं लग पाता है। संसद में पेश आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2011 से 2014 के बीच सवा तीन लाख बच्चे लापता हो गए। भारत में करीब…
दबंगों को भारी पड़ा दलितों की जमीन हथियाना, वायरल वीडिओ ने खोली पोल, सपा से भी गए और झेलनी पड़ी पुलिस कार्रवाई नई दिल्ली, 22 दिसम्बर 2018: दबंगई की हद देखिये जौनपुर में पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर के भाई और ब्लॉक प्रमुख दीपचंद्र सोनकर ने अपने गुर्गों द्वारा अपनी जमीन पर कब्जे का विरोध कर रही दलित महिलाओं को लाठी डंडों से बुरी तरह से मारा- पीटा और हतियाने का भरसक प्रयास किया लेकिन इस घटना का वीडियो वायरल होते ही यूपी पुलिस तुरंत एक्शन में आयी और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। इस मामले में समाजवादी पार्टी ने भी…
प्राचीन भारतीय संस्कृति से युगों युगों पहले उत्पन्न हुई अनेक विद्याएं इस वैज्ञानिक युग मे भी अपनी सटीकता और सार्थकता के कारण कौतूहल का विषय हैं । आज उन सभी विद्याओं की जब वैज्ञानिक व्याख्या की जाती है तो हमारे पूर्वजों का अदम्य ज्ञान न केवल बड़ों बड़ों को दांतो तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देता है बल्कि हमे अपनी हिन्दू संस्कृति पर गर्व होता है। घाघ की कहावतें तो पुरातनकाल से ही मौसम वैज्ञानिक का काम करती रही हैं । पौराणिक युग की हिन्दू विद्याएं बड़ी विपुल और विविधिता-सम्पन्न हैं। इसमें धर्म, दर्शन, भाषा, व्याकरण आदि के अतिरिक्त…
बहुत समय पहले दुधवा के जंगलों में एक सियार रहता था। वह बहुत आलसी था। पेट भरने के लिए खरगोश और चूहे का पीछा करना और उनका शिकार करना उसे बड़ा भारी लगता था। वह यही तिकड़म लगाता रहता था कि कैसे ऐसी जुगत लड़ाई जाए जिससे बिना हाथ पावं चलाएं भोजन मिलता रहे। उसका बस यही एक काम था खाया और सो गए। एक दिन वह इसी सोच में डूबा हुआ वह सियार एक झाड़ी में दुबका बैठा था। उसने देखा क़ि बाहर चूहों की टोली उछल कूद और भाग दौड़ करने में लगी थी। उसमें एक मोटा सा…
हेमंत कुमार/जी.के. चक्रवर्ती महाराजा टिकैतराय, जिन्हें अवध का दानवीर कर्ण कहा जाता है, का जन्म बाराबंकी के निकट इचौली कस्बे में हुआ था। उनकी लोकप्रियता ऐसी थी कि उनके द्वारा बसाए गए स्थानों के लोग उन्हें अपने नगर का मूल निवासी मानते हैं। कायस्थ परिवार से ताल्लुक रखने वाले टिकैतराय के पिता जयमल और पत्नी रुक्मणी देवी थीं, जबकि उनका इकलौता पुत्र हनुमंत बली था। मोहम्मद नजमुल गनी खाँ रामपुरी ने अपनी किताब तारीखे अवध (जिल्द 3, पेज 133) में लिखा है कि टिकैतराय ने अपने करियर की शुरुआत नवाब शुजाउद्दौला के दामाद हसमत अली खाँ के जवाहर खाने में…
आज प्रसारण दिवस है। वर्ष 1927 में 23 जुलाई (तिलक का जन्मदिवस भी) मुंबई से इस दिन रेडियो प्रसारण आरम्भ हुआ था. वैसे 1923 में भी प्रयास हुआ था. आज तो 414 स्टेशन हैं, 90% से अधिक क्षेत्र और 99% से अधिक जनसँख्या की रेडियो प्रसारण तक पहुँच है. बड़े-बड़े भारी रेडियो की तुलना में आज का ट्रांजिस्टर सेट तो सौंवा भाग है. मोबाईल में भी रेडियो है. जिस रेडियो की विदाई करने की पूरी तरह तैयारी थी, लगभग 15 वर्ष पूर्व स्फिंक्स की तरह अपने FM अवतार में वह पुनर्जीवित हो गया. आज यह गाड़ी में, साइकिल पर, खेत में…
नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार एक जुलाई से हर हाल में पूरे देश में जीएसटी लागू करने के मूड में है। इसी सिलसिले में जीएसटी काउंसिल की बैठक में लगभग सभी वस्तुओं के रेट भी तय कर दिए गए हैं। वहीं रविवार को एक बार फिर जीएसटी काउंसिल की बैठक हो रही है। इस बैठक में कुछ वस्तुओं के रेट का लेकर बातचीत हो सकती है। वित्त मंत्री की अध्यक्षता में होगी जीएसटी काउंसिल की बैठक जहां तक इस बैठक में सवाल है इस बैठक में उन कुछ दरों की समीक्षा की जाएगी जिसको लेकर उद्योग जगत ने नाखुशी…








