Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, October 8
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»इतिहास के आईने से

    महाराजा टिकैतराय: अवध के दानवीर कर्ण जिन्होंने रचा इतिहास

    jetendra GuptaBy jetendra GuptaJune 3, 2018Updated:August 13, 2025 इतिहास के आईने से No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    महाराजा टिकैतराय को अवध का दानवीर कर्ण कहा जाता है और एक हाथ में मुट्ठी भर कर चांदी के सिक्के लुटाना उनकी आदत थी-OLYMPUS DIGITAL CAMERA
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 4,822

    हेमंत कुमार/जी.के. चक्रवर्ती

    महाराजा टिकैतराय, जिन्हें अवध का दानवीर कर्ण कहा जाता है, का जन्म बाराबंकी के निकट इचौली कस्बे में हुआ था। उनकी लोकप्रियता ऐसी थी कि उनके द्वारा बसाए गए स्थानों के लोग उन्हें अपने नगर का मूल निवासी मानते हैं। कायस्थ परिवार से ताल्लुक रखने वाले टिकैतराय के पिता जयमल और पत्नी रुक्मणी देवी थीं, जबकि उनका इकलौता पुत्र हनुमंत बली था।

    मोहम्मद नजमुल गनी खाँ रामपुरी ने अपनी किताब तारीखे अवध (जिल्द 3, पेज 133) में लिखा है कि टिकैतराय ने अपने करियर की शुरुआत नवाब शुजाउद्दौला के दामाद हसमत अली खाँ के जवाहर खाने में तहबीलदार के रूप में की, जहां उनका वेतन 20 रुपये मासिक था। बाद में उन्होंने मुरावतारूद्दौला के दीवानखाने में दरोगा अकबर अली के अधीन काम किया। अपनी वाकपटुता और शायरी के शौक के चलते उन्होंने अनवर अली खाँ रव्वाजलजसरा तक प्रभाव जमाया और दीवान का पद हासिल किया। उनकी सहनशीलता, गंभीर स्वभाव और जनकल्याण के कार्यों ने उन्हें ख्याति दिलाई। लखनऊ में ब्राह्मणों के लिए रोजी और चंदे का प्रबंध उनके प्रयासों से शुरू हुआ।

    डॉ. अकबर हैदरी की किताब शाहाने अवध के अनुसार, टिकैतराय आजादी के साथ उत्साह और जोश से कार्य करते थे। लाला सीता राम ने अयोध्या का इतिहास में लिखा कि वे दान-पुण्य के लिए विख्यात थे। लखनऊ का राजा बाजार और प्रयागराज का मोतीमहल (अब दारागंज हाईस्कूल) उनकी बनवाई धर्मशाला थी। डॉ. योगेश प्रवीण की किताब लखनऊ नामा में उल्लेख है कि लालबाग में उनकी कचहरी थी और राजा बाजार मोहल्ला उन्होंने बसाया। उनका निवास, दीवान खाना टिकैतराय, अब मुस्लिम शादीखाना बन चुका है। नखास की रविवारीय बाजार भी उनकी देन है।

    जैसे शाहजहाँ को मुगल शासकों में वास्तुकला का मास्टर माना जाता है, वैसे ही टिकैतराय को अवध का इंजीनियर दीवान कहा जा सकता है। उन्होंने जनहित में पुल, तालाब, घाट, मंदिर और मस्जिदों का निर्माण करवाया। 1775 में जब नवाब आसफुद्दौला ने अपनी राजधानी फैजाबाद से लखनऊ स्थानांतरित की, तब टिकैतराय को दीवान और प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। उन्हें पालकी की सवारी और 22 पारचे की खिलअत से सम्मानित किया गया। 1800 में उनकी मृत्यु तक, 25 वर्षों में उनके द्वारा कराए गए निर्माण कार्य आज के उत्तर प्रदेश पीडब्ल्यूडी के लिए भी एक बेंचमार्क हैं।

    टिकैतराय ने इचौली, बाराबंकी में पांच मंजिला पक्का तालाब बनवाया, जिसकी तीन मंजिलें पानी में हैं। इसकी तर्ज पर बड़े इमामबाड़े की बावली बनी। तालाब के किनारे बने मंदिर की मूर्ति चोरी हो चुकी है, और देखरेख के अभाव में यह धरोहर नष्ट हो रही है। राज्य पुरातत्व विभाग से इसके संरक्षण की मांग उठ रही है। लखनऊ में टिकैतराय तालाब कॉलोनी उनके नाम पर है, जहां उन्होंने एक बड़ा और एक छोटा तालाब बनवाया था। बड़ा तालाब अटल बिहारी वाजपेयी के निर्देश पर एलडीए ने संवारा, लेकिन छोटा तालाब अतिक्रमण का शिकार होकर मधुबन गेस्ट हाउस बन गया। कोटवा धाम, बाराबंकी का अमरन तालाब भी उनकी देन है।

    टिकैतराय ने लखनऊ-कानपुर मार्ग पर नगवा नदी पर एक पुल बनवाया, जो अवध की वास्तुकला का नमूना है। मलिहाबाद में बेता नदी पर पुल और राज राजेश्वर महादेव मंदिर उनके द्वारा बनवाए गए। बिठूर में उन्होंने पत्थर घाट, शिवमंदिर और दो मंजिला धर्मशाला बनवाई। डलमऊ में गंगा किनारे घाट का निर्माण भी उनकी निगरानी में हुआ।

    टिकैतराय ने अवध में 108 शिवमंदिर बनवाए, जिनमें मलिहाबाद का चौमुखा मंदिर, टिकैतगंज का शिवाला और अयोध्या का हनुमान गढ़ी मंदिर शामिल हैं। हनुमान गढ़ी को गढ़ी के रूप में बनवाया गया ताकि हमलों से बचा जा सके। उन्होंने संस्कृत पाठशालाएं स्थापित कीं और ब्राह्मणों को दान दिया। लखनऊ में राम जानकी मंदिर, तुलसीदास मार्ग पर टिकैतराय मोहल्ले में मस्जिद, हैदरगंज और पारा गांव में छोटी मस्जिदें उनकी देन हैं।

    टिकैतराय ने टिकैतगंज कदीम, टिकैतगंज कण्डहा, राजा बाजार, निशात बाग, और टिकैतनगर जैसे क्षेत्र बसाए। उनकी लिखी टिकैतराय प्रकाश और दानशीलता ने उन्हें अवध का दानवीर कर्ण बनाया। गजेटियर ऑफ अवध में उनकी प्रशंसा करते हुए कहा गया है, “महाराजा टिकैतराय अवध के दानवीर कर्ण थे।”

    शाहजहांपुर और बदायूं में लिखा गया है-

    ‘महाराजा टिकैतराय को अवध का दानवीर कर्ण कहा जाता है’
    राजा साहब परम वैष्णव होने के साथ ही साथ शिवभक्त भी थे। सुबह पूजा करने के बाद गरीबों को दान देते थे। एक हाथ में मुट्ठी भर कर चांदी के सिक्के लुटाना उनकी आदत थी। रजा साहब का दिवान खाना विद्वानों से भरा रहता था। उन्होंने ‘टिकैतराय प्रकाश’ नामक पुस्तक लिखी थी।

    #tikait roy talab_lucknow_
    jetendra Gupta
    • Website

    Keep Reading

    The Unsung Heroine of the 1857 Revolution: Begum Hazrat Mahal

    1857 की क्रांति की अनसुनी वीरांगना: बेगम हज़रत महल

    A tale of glory, now of misery: Will the historic Rafi Ahmed Kidwai tomb be revived?

    गौरव की कहानी अब बदहाली: क्या ऐतिहासिक रफी अहमद किदवई का मकबरा फिर से जीवंत होगा ?

    Tipu's 'Sher-e-Mysore' Tiger: A machine of anger and an immortal symbol of the Indian spirit

    टीपू का ‘शेर-ए-मैसूर’ टाइगर: गुस्से की मशीन और हिंदुस्तानी जज्बे की अमर निशानी

    रहीम अली: ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ मर्री जनजाति का अडिग योद्धा

    Dr. Surendra Pal Verma, the first hero to liberate Banda district from feudalism: Satyendra Pratap Singh

    बांदा जिले को सामंतवाद से मुक्त कराने वाले पहले नायक डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा: सत्येंद्र प्रताप सिंह

    Netaji's passion in Kishore Kumar's voice!

    किशोर कुमार की आवाज़ में नेताजी का जोश!

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Eight BJP Rajya Sabha candidates filed their nominations.

    भाजपा के आठ राज्यसभा प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

    October 6, 2026
    Education requires not just academics but also life skills: Sharman Joshi

    शिक्षा में सिर्फ पढ़ाई नहीं, जीवन कौशल भी जरूरी: शरमन जोशी

    October 6, 2026
    5,000 youths in UP to receive AI training; Samsung Innovation Campus 2026 launched.

    यूपी के 5 हजार युवाओं को मिलेगा AI प्रशिक्षण, सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2026 शुरू

    October 6, 2026
    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    October 5, 2026
    Teachers' 11-point demands resonated at the TFI conference; calls made for the old pension scheme and relief regarding the TET.

    टीएफआई सम्मेलन में शिक्षकों की 11 सूत्रीय मांगें गूंज उठीं, पुरानी पेंशन और टीईटी से राहत की मांग

    October 5, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading