पिकासो की पेंटिंग से छेड़छाड़ में युवक को 18 महीने की जेल

0
551
सुमन सिंह
घटना पिछले वर्ष के 28 दिसंबर की है जब एक छात्र ने टेट मॉडर्न संग्रहालय में पिकासो की पेंटिंग ‘बस्ट ऑफ ए वुमन’ को नुकसान पहुँचाया था, अब इस छात्र को स्थानीय न्यायालय ने 18 महीनों के लिए जेल की सजा सुनाई है । घटना वाले दिन 20 वर्षीय शकील रयान मैसी ने खुद को मेटल पैडलॉक से लैस किया और अपने हाथों को स्कार्फ में लपेटकर पहले सुरक्षात्मक ग्लास को तोडा और फिर मुक्के से पेंटिंग पर दनादन प्रहार कर उसे जमीं पर फेंक दिया।
इतना ही नहीं इस क्रम में जब सुरक्षा गार्ड ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसका जवाब था कि यह उसका आर्ट परफोर्मेंस है। अब कला की इस अपेक्षाकृत नयी विधा आर्ट परफॉर्मेंस को इस रूप में भी लिया जा सकता है, ऐसा तो शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा । 1944 में पेरिस में पाब्लो पिकासो द्वारा बनाया गया यह चित्र उनकी महिला मित्र और फ़ोटोग्राफ़र डोरा मौर का एक अर्ध-अमूर्त शैली का व्यक्ति चित्र है, जिसकी मौजूदा कीमत 20 मिलियन पॉण्ड आंकी जा रही है।
मामले की सुनवाई के दौरान मैसी के बैरिस्टर, ग्लेन हैरिस ने अदालत को बताया कि स्पेनिश वास्तुकला का यह छात्र नाबालिग था और इस हमले की कोई ठोस वजह भी नहीं है।”उसने महज़ पांच मिनट की प्रसिद्धि के लिए ऐसा मूर्खतापूर्ण तरीका अपनाया, और यह उसके परिवार के लिए भी शर्मनाक वाकया है ।” यानि कुल मिलाकर उसके वकील यह साबित करने की कोशिश कर रहे थे कि इस नाबालिग की नादानी से यह सब हुआ।
न्यायाधीश जेरेमी डोन क्यूसी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा ना मिले इसके लिए आवश्यक है कि इसे सलाखों के पीछे कुछ दिन गुजारना ही चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, “इस तथ्य के अलावा कि आप सिर्फ 20 वर्ष के हैं, मेरे सामने कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित होता हो कि आप विशेष रूप से भोले या अपरिपक्व हैं।
अभियोजक बेन एडवर्ड्स ने अदालत को बताया कि मैसी ने दोपहर 1 बजे से पहले गैलरी में प्रवेश किया और हमले शुरू करने से पहले वहां लगभग तीन मिनट बिताए। विशेषज्ञों ने अदालत को बताया कि इसकी मरम्मत में 18 महीने तक का समय लग सकता है और इसमें लगभग 350 हजार पॉण्ड का खर्च आएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here