नई दिल्ली 23 जून 2025: ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष तीव्र बना हुआ है। इज़राइल की ओर से 13 जून से शुरू हुई अपनी “राइजिंग लायन” कार्रवाई के तहत ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसमें फोर्डो, नतांज और इस्फहान शामिल हैं। जवाब में, ईरान ने “ट्रू प्रॉमिस 3” ऑपरेशन के तहत इज़राइल पर 100 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें तेल अवीव और हैफा जैसे शहरों को निशाना बनाया गया। इज़राइल का दावा है कि उसने अधिकांश मिसाइलों को आयरन डोम से रोक लिया।
बता दें कि अमेरिका ने 22 जून को ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमले किए, जिसे राष्ट्रपति ट्रम्प ने “सफल” बताया। ईरान ने इन हमलों को “युद्ध अपराध” करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। इस बीच, ईरान ने जासूसी के आरोप में मोहम्मद अमीन महदवी शायेस्तेह को फांसी दी।
संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने तनाव कम करने की अपील की है, लेकिन कोई ठोस शांति समझौता नहीं हुआ। संघर्ष में अब तक इज़राइल में 24 और ईरान में 400 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
ईरान ने इज़राइल के लिए जासूसी के आरोपी को दी फांसी
इस बीच एक दूसरी जानकारी के मुताबिक आज 23 जून 2025 को ईरान ने मोहम्मद अमीन महदवी शायेस्तेह को इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने और लंदन स्थित फारसी समाचार चैनल ईरान इंटरनेशनल के साथ सहयोग के आरोप में फांसी दे दी। ईरानी न्यायपालिका ने उन्हें “शत्रु के साथ खुफिया सहयोग” का दोषी ठहराया। यह कार्रवाई इज़राइल-ईरान तनाव के बीच हुई, हालांकि ईरान ने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया।







