नोटबन्दी और जीएसटी से देश में बेरोजगारो की एक फौज खड़ी हो गयी: तनुज पुनिया

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बाराबंकी, 08 नवम्बर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नोटबन्दी एक विनाशकारी कदम था जिससे देश की अर्थव्यवस्था का व्यापक नुकसान ही नही हुआ छोटे कारोबार करने वालो की कमर टूट गयी उनका कारोबार बन्द होने से करोडो लोगो का रोजगार छिन गया देश में बेरोजगारो की एक फौज खडी हो गयी है। सैकडो लोगो ने बैको की लाइनो में अपना दम तोड दिया।

नोटबन्दी और जीएसटी से देश के मजदूर, किसान, व्यापारी, महिलाओ के हुये व्यापक नुकसान के लिए सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही जिम्मेदार है। आज नोटबन्दी की बरसी पर हम प्रधानमंत्री के दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय का विरोध करते है क्योकि नोटबन्दी का दिन भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ प्रजातंत्र के लिए काला दिन था। इसलिए आज का दिन हम कांग्रेस परिवार के लोग मृृतको को श्रद्धांजलि देने के साथ ही काला दिवस के रूप में मना रहे है।

उक्त उद्गार उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश महासचिव तनुज पुनिया ने आज अमर शहीद बलभद्र सिंह चहलारी नरेश उद्यान में नोटबन्दी के खिलाफ नगर के फजल-उर-रहमान पार्क सट््टी बाजार से निकाले गये विशाल जलूस जो नोटबन्दी की सालगिरह पर काला दिवस के रूप में नगर के मुख्य मार्ग से निकलकर छाया स्थित अमर शहीद उद्यान पर सभा में परिवर्तित हुआ था। उसमें आवाम तथा कांग्रेस जनो के बीच व्यक्त किये। सभा का संचालन कांग्रेस सेवा दल के संगठक कमल भल्ला तथा अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा ने किया। श्री पुनिया ने कहा कि आज हम नगर के मुख्य मार्ग से होकर यहां एकत्र हुये और यहां जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपकर नोटबन्दी के दौरान हुयी दुखद मौतो पर संवेदना व्यक्त करेंगे और इस बात की निन्दा करेंगे कि जिन सैकडो लोगो ने अपनी जाने नोटबन्दी के दौरान गवाई थी उन्हे इस देश के अहंकारी प्रधानमंत्री ने शोक संवेदना तक नही व्यक्त की जनपद का यह कांगे्रस परिवार देश के प्रधानमंत्री से जोरदार मांग करता है कि नोटबन्दी के दौरान बलिदान होने वाले परिवार को 25-25 लाख रूपये का मुआवजा तथा रोजगार करने वाले बलिदानी के घर के एक सदस्य को नौकरी दी जाये।

कांग्रेस अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा ने कांग्रेस जनो को सफल कार्यक्रम की बधाई देते हुये कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अवाम के साथ विश्वासघात किया गया है नोटबन्दी से देश कोई फायदा नही हुआ बल्कि इतना अधिक आर्थिक नुकसान उठाना पडा है जिसकी भरपाई आने वाले दिनो में सम्भव नही दिखाई पड रही है। रोजगार बन्द हो गये है किसान पीडित है महिलाओं के सुहाग बैको की लाईन मेें उजड गये है, लडकियो की शादियां रूक गयी है। देश के प्रधानमंत्री ने अमन चैन से रह रही इस देश की आवाम को एक तुगलकी फरमान से ऐसे हालात पैदा कर दिये कि लोगो की जाने चली गयी आज उन मृृतक बलिदानियो को याद करके हम सायंकाल 7 बजे धनोखर चैराहे पर कैन्डिल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि देगे।

काला दिवस के अवसर पर जलुस से परिवर्तित जनसभा को मुख्यरूप से पूर्व विधायक राजलक्ष्मी वर्मा, सरजू शर्मा, नईम सिद््दीकी, शिव शंकर शुक्ला, इरफान कुरैशी, मजहर अजीज खां, के0सी0 श्रीवास्तव, शबनम वारिस, कांग्रेस पार्टी के चेयरमैन प्रत्याशी श्रीमती नीता अवस्थी, प्रेम नारायण मिश्रा, राजेन्द्र वर्मा फोटोवाला, सिकन्दर अब्बास रिजवी, राम हरख रावत, अजय रावत, सना मुही अब्दुल रहमान लल्लू आदि कांग्रेस जनो ने सम्बोधित किया तथा सैय्यद सुहेल अहमद, महबूब-उर-रहमान किद््वाई, शहजादे आलम वारसी, अब्दुल वली, राजकुमार सिंह , मो0 अकरम, फरजाना, विमला द्विवेदी, मलका रिजवी, अजय रावत, रामानुज यादव, प्रेम नरायण शुक्ला, मो0 इजहार, दुर्गेश दीक्षित, सियाराम यादव, हरिताश यादव, सुनील कुमार, अकील अंसारी, सईद अहमद, रविन्द्र पाण्डेय, हीरा लाल, इसरारूल हक, मुइनुद््दीन अंसारी, गयादीन यादव, वीरेन्द्र प्रताप यादव, नेकचन्द्र त्रिपाठी, घनश्याम श्रीवास्तव, एमपी निगम, अनिल पाण्डेय, अम्बरीश रावत, दानिश खां अमित गौतम सहित सैकडो की संख्या में कांग्रेस जन मौजूद थे।

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