संतवाणी: अजीत कुमार
जो मुश्किलें हँसकर सह लेता है वह शिव बन जाता है और जो उन्हें नहीं सह पाता वह शव बन जाता है भगवान शिव गले में सर्पों की माला पहनते हैं मगर अपनी शांति का त्याग नहीं करते सर्पों की माला धारण करना अर्थात अनेक मुश्किलों को अपने ऊपर ले लेना जीवन है तो मुश्किलें तो आयेंगी फर्क सिर्फ इतना है कि जो उन्हें हँसकर सह लेता है वह शिव बन जाता है और जो उन्हें नहीं सह पाता वह शव बन जाता है।
मुश्किलों का समाधान उससे मुकर जाना नहीं है अपितु मुस्कराकर उनका सामना करना है कठिनाइयों से जूझते हुए आप अपने चेहरे पर मुस्कान लाने की हिम्मत जुटा पाते हैं तो समझ लेना कि फिर आपकी शान्ति भंग करने की किसी में सामर्थ्य नहीं भगवान शिव के गले में सर्प हमें यह सन्देश देते हैं कि मुश्किलें तो किसी को भी नहीं छोड़ती बस आप अपनी हिम्मत और मुस्कान मत छोड़ना!







