हमास के बंदूकधारियों ने बिपिन को गाजा घसीट ले गए, लेकिन हार न मानी, 26 अक्टूबर को था बर्थडे
तेल अवीव : क्या आपने कभी सोचा है कि एक साधारण नेपाली छात्र, जो इजरायल में संतरे-नींबू के बागों में काम सीखने आया था, आतंक का सामना करते हुए हीरो बन जाए? लेकिन दुखद अंत – बिपिन जोशी, गाजा में हमास के एकमात्र जीवित हिंदू बंधक, अब हमारे बीच नहीं हैं। सोमवार देर रात हमास ने उनके शव को इजरायली अधिकारियों को सौंप दिया, जब युद्धविराम के तहत 20 जीवित बंधकों की रिहाई के बाद चार मृतकों के शव लौटाए गए। बता दें कि बिपिन का नाम उनमें एक था जिसने 7 अक्टूबर 2023 के हमले में बहादुरी की मिसाल कायम की।
एक ग्रेनेड, चार जिंदगियां: बिपिन की अमर कहानी
सितंबर 2023 में नेपाल के कानचनपुर से 22 साल के बिपिन इजरायल पहुंचे। कित्ज़ अलुमिम किबुट्ज़ में कृषि प्रशिक्षण के लिए। 17 नेपाली छात्रों के ग्रुप में वे संतरे-नींबू के बागों की देखभाल सीख रहे थे। लेकिन 7 अक्टूबर को सब उजड़ गया। हमास के हमलावरों ने ग्रेनेड फेंके, तो बिपिन ने बम शेल्टर में छिपे चार दोस्तों की जान बचाने के लिए जिंदा ग्रेनेड उठाया और बाहर फेंक दिया। “अगर वो फट जाता, तो हम सब खत्म हो जाते,” उनके दोस्त धन बहादुर चौधरी ने BBC को बताया। लेकिन खुद घायल हो गए और हमास के बंदूकधारियों ने उन्हें गाजा घसीट ले गए।

वीडियो फुटेज में उन्हें शिफा अस्पताल में घसीटते आखिरी बार जिंदा देखा गया। नवंबर 2023 का एक वीडियो, जो परिवार ने हाल ही में जारी किया, बिपिन को हमास के दबाव में खुद का परिचय देते दिखाता है। लेकिन उसके बाद सन्नाटा। 738 दिनों तक परिवार ने उम्मीद जगाई, मां-बहन इजरायल और अमेरिका घूमीं, काठमांडू से लॉबिंग की। लेकिन सोमवार को वादा टूटा: हमास ने चार शव सौंपे जिनमें बिपिन, गाय इलूज, योसी शराबी और डैनियल पेरेज़ शामिल थे। कहा जा रहा है कि अब DNA टेस्ट के बाद शव नेपाल भेजा जाएगा, इजरायल में ही अंतिम संस्कार की तैयारी।
ट्रेजेडी के आंकड़े में 10 नेपाली शहीद, एक बंधक
उस हमले में 17 नेपाली छात्रों में से 10 मारे गए, 5 घायल, एक भागा। बिपिन और एक थाई नागरिक ही बंधक बने। नेपाल के राजदूत धन प्रसाद पंडित ने कहा, “शव तेल अवीव पहुंच चुका है।” इजरायली सेना ने उन्हें “नेपाली हीरो” कहा, जिनकी बहादुरी ने कई जानें बचाईं। लेकिन सवाल उठता है कि गाजा के 400 मील लंबे सुरंगों में क्या हुआ?
हमास का दावा: मौत हो चुकी। परिवार चुप है, लेकिन दुनिया शोक में।
X पर सलाम: ‘बिपिन, तुम्हारा बलिदान अमर’ X पर #BipinJoshiRIP ट्रेंड कर रहा है। एक यूजर ने लिखा: “ग्रेनेड उछालकर दोस्त बचाए, खुद कुर्बान हो गए। सच्चा हीरो! ” (@NepalVoice , 45K व्यूज)। नेपाली डायस्पोरा ने काठमांडू में कैंडल मार्च निकाला। एक रिपोर्ट के मुताबिक बिपिन 26 अक्टूबर को 25 के होते अब उनकी यादें ही जश्न मनाएंगी।







