अतीत की कड़वी सच्चाईयों से सीखने का प्रयास करें जीवन से जो चला गया है उसका गम मनाने के बजाय जो बचा हुआ है उसे सँभालने का प्रयास करें। कुछ नई योजनायें बनाकर नई उम्मीदों के साथ फिर कर्म के रण में उतर जायें जो खो गया है वह तो लौटकर नहीं आ सकता है।
अपने नुकसान के लिये किसी को भी दोषी मानने के बजाय और उससे बदला लेने के बजाय अपनी ऊर्जा को पुनः अपने उद्देश्य में लगायें अपने पुराने दुःख से, अतीत की बुरी स्मृति से जब तक आप मुक्त ना होंगे तब तक भविष्य का सुनहरा कल आपका आलिंगन कैसे करेगा याद रखें, वक्त सबको मिलता है। जीवन बदलने के लिये मगर जीवन दुबारा नहीं मिलता वक्त बदलने के लिए।
परायेपन से अपनेपन का अहसास समय पर ही होगा
परायेपन से अपनेपन तक आने में बहुत सी राहें पार करनी होती हैं एक दूसरे पर अटूट विश्वास रखना होता है छल को कोसों दूर रखना होता है जो ऎश्वर्य व्यक्ति के अंदर समा जाए वह स्वाभिमान होता है और जो बाहर छलक जाए वह अभिमान होता है आँख दुनिया की हर एक चीज को देखती है मगर जब आँख के अन्दर कुछ चला जाए तो उसे नहीं देख पाती है बिल्कुल इसी तरह व्यक्ति दूसरों की गलती तो देखता है परंतु उसे अपनी गलती कभी नजर नहीं आती है परमार्थ कीजिये धर्म से जुड़े रहें बस यही जीवन है।







