Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, April 12
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    अमेरिकी दादागिरी हिंद महासागर तक पहुंची : क्या भारत अपने मेहमान की रक्षा करने में नाकाम रहा?

    ShagunBy ShagunMarch 5, 2026 Current Issues No Comments8 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    US bullying reaches the Indian Ocean: Will India wake up after failing to protect its guest?
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 871

    आलोक बाजपेयी : लेखक इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट और इकोनॉमिक्स में रिसर्च स्कॉलर हैं

    दुनिया में एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाली घटना का उदय 4 मार्च, 2026 को हिंद महासागर के शांत जल में देखने को मिली जहां एक ऐसा वाकया हुआ जिसने वैश्विक भू-राजनीति की दिशा बदल दी। अमेरिकी नौसेना की एक सबमरीन ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना (IRIS Dena) को टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया। यह घटना श्रीलंका के दक्षिणी तट से लगभग 40 नॉटिकल मील (करीब 75 किलोमीटर) दूर, गाले शहर के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में घटी। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी दुश्मन देश के युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोया गया है। यह बयान न केवल सैन्य इतिहास का एक अध्याय जोड़ता है, बल्कि हिंद महासागर को वैश्विक संघर्षों का नया केंद्र बिंदु बना देता है।

    बता दें कि आईआरआईएस देना एक मौज-क्लास गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट था, जो ईरानी नौसेना की महत्वपूर्ण संपत्ति था। इस जहाज पर करीब 180 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 32 घायलों को श्रीलंकाई नौसेना ने बचाया और गाले के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    दुर्भाग्यवश, 87 शव बरामद हो चुके हैं, जबकि 100 से अधिक कर्मी अभी भी लापता हैं। श्रीलंकाई नौसेना और वायु सेना बचाव अभियान चला रही है, और भारत ने भी अपनी ओर से मदद की है – जैसे कि भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस तरंगिनी और आईएनएस इक्षक को बचाव कार्य में लगाया गया है। लेकिन यह घटना भारत के लिए सिर्फ एक समुद्री दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक चेतावनी, संबंधों की चुनौती और क्षेत्रीय सुरक्षा की परीक्षा है।

    US bullying reaches the Indian Ocean: Will India wake up after failing to protect its guest?
    अमेरिका की यही वो पनडुब्बी है जिसने ईरानी जहाज Iris DENA को हिंद महासागर में मक्कारी से घात लगाकर नष्ट कर दिया

    यह जहाज विशाखापत्तनम में आयोजित भारत के मिलन 2026 नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था, जहां ईरान समेत कई देशों ने भाग लिया था। मिलन अभ्यास का उद्देश्य “महासागरों के माध्यम से एकता” को बढ़ावा देना है, लेकिन इस घटना ने उस उद्देश्य को ही विडंबना बना दिया। भारत, जो खुद को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ मानता है,

    अब सवालों के घेरे में है: क्या वह अपने मेहमान की रक्षा करने में असफल रहा? क्या अमेरिका की यह कार्रवाई भारत की क्षेत्रीय प्रभुता पर एक अप्रत्यक्ष हमला है?

    इसके लिए हमें इतिहास के पिछले पन्ने पलटने होंगे जहाँ ऐतिहासिक संदर्भ खोजने पर पता चलता है कि : द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की पहली टॉरपीडो स्ट्राइक द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) के दौरान सबमरीन युद्ध एक प्रमुख रणनीति थी। अमेरिकी सबमरीनों ने जापानी जहाजों को टॉरपीडो से डुबोकर प्रशांत महासागर में निर्णायक भूमिका निभाई थी। लेकिन युद्ध के बाद, ऐसी घटनाएं दुर्लभ हो गईं थी। आखिरी प्रमुख उदाहरण 1982 का फॉकलैंड युद्ध था, जब ब्रिटिश सबमरीन एचएमएस कोंक्वेरर ने अर्जेंटीना के क्रूजर एआरए जनरल बेलग्रानो को डुबो दिया था।

    अब, 2026 में, अमेरिका ने इस परंपरा को पुनर्जीवित किया है। पीट हेगसेथ ने इसे “शांत मौत” कहा, जो सबमरीन युद्ध की गुप्त और घातक प्रकृति को दर्शाता है।

    यह हमला अमेरिका-ईरान संघर्ष का विस्तार है, जो मध्य पूर्व से निकलकर हिंद महासागर तक पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव 1979 की ईरानी क्रांति से शुरू हुआ, लेकिन हाल के वर्षों में यह इजरायल-ईरान संघर्ष से जुड़ गया है। 2020 में अमेरिका ने ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को ड्रोन हमले में मार गिराया था, जिसके बाद ईरान ने बदला लेने की धमकी दी थी। अब, IRIS Dena का डूबना उसी श्रृंखला का हिस्सा लगता है। पेंटागन ने फुटेज जारी किया है, जिसमें सबमरीन से टॉरपीडो लॉन्च होते दिखाया गया है।

    बता दें कि यह फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, और विशेषज्ञ इसे अमेरिका की सैन्य श्रेष्ठता का प्रदर्शन मान रहे हैं।

    लेकिन क्यों हिंद महासागर? ईरान की नौसेना क्षमता को सीमित करने के लिए अमेरिका ने इसे चुना, क्योंकि IRIS Dena एक उन्नत फ्रिगेट था, जो मिसाइलों से लैस था। यह जहाज ईरान की ‘शहीद सुलेमानी’ क्लास का हिस्सा था, जो अमेरिका के लिए खतरा माना जाता था। घटना की जगह भारत की समुद्री सीमा से करीब 350-400 किलोमीटर दूर है, लेकिन यह भारत के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) के निकट है। संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय जल में ऐसी कार्रवाई वैध हो सकती है, लेकिन यह क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करती है।US bullying reaches the Indian Ocean: Will India wake up after failing to protect its guest?

    भारत का परिप्रेक्ष्य: मिलन 2026 और मेहमाननवाजी की चुनौती

    मिलन (Multilateral Naval Exercise) भारत की नौसेना का प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास है, जो 1995 से आयोजित होता आ रहा है। 2026 का संस्करण विशाखापत्तनम में हुआ, जिसमें 50 से अधिक देशों ने भाग लिया। ईरान की भागीदारी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि भारत ईरान के साथ चाबहार बंदरगाह परियोजना के माध्यम से रणनीतिक संबंध बनाए रखता है। चाबहार भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच प्रदान करता है, बिना पाकिस्तान पर निर्भर हुए। IRIS Dena मिलन में भाग लेने के बाद लौट रहा था, जब यह हमला हुआ।

    यह घटना भारत के लिए शर्मिंदगी का कारण है। भारत खुद को IOR में ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ कहता है, जिसका मतलब है कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली प्रमुख शक्ति है। लेकिन अमेरिका ने भारत के ‘बैकयार्ड’ में आकर एक जहाज डुबो दिया, और भारत इसे रोक नहीं सका। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे ‘भारत का अपमान’ बता रहे हैं। उदाहरण के लिए, एक X पोस्ट में कहा गया है कि “भारत ने ईरान को आमंत्रित किया, लेकिन अमेरिका ने जहाज डुबो दिया – क्या यह विश्वासघात है?”

    भारत की नौसेना ने बचाव कार्य में मदद की, लेकिन कोई आधिकारिक निंदा नहीं की। भारतीय नौसेना का प्रेस रिलीज सिर्फ SAR प्रयासों पर केंद्रित है, जिसमें हमले का जिक्र तक नहीं है।

    रणनीतिक रूप से, यह भारत की समुद्री डोमेन अवेयरनेस (MDA) पर सवाल उठाता है। भारत के पास अंडमान-निकोबार कमांड और वेस्टर्न नेवल कमांड हैं, जो IOR की निगरानी करती हैं। लेकिन क्या वे अमेरिकी सबमरीन की गतिविधियों का पता लगा सके? विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की Virginia-क्लास सबमरीनें इतनी गुप्त हैं कि उनका पता लगाना मुश्किल है। फिर भी, यह भारत को अपनी निगरानी प्रणाली – जैसे P-8I Poseidon विमान और सैटेलाइट – को मजबूत करने के लिए मजबूर करता है।

    वैश्विक तनाव और ईरान की प्रतिक्रिया: एक नया युद्ध क्षेत्र? 

    ईरान ने इस हमले को “कायरतापूर्ण” बताया है और बदला लेने की धमकी दी है। अटकलें हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। इससे वैश्विक तेल कीमतें बढ़ सकती हैं, और भारत, जो 80% तेल आयात करता है, सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। हमले के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में 5-10% की बढ़ोतरी देखी गई है।

    यह घटना मध्य पूर्व संघर्ष का विस्तार है। इजरायल-हमास युद्ध से शुरू होकर, यह अमेरिका-ईरान टकराव में बदल गया है। अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति में भारत एक प्रमुख साझेदार है (क्वाड के माध्यम से), लेकिन ईरान के साथ भी संबंध हैं। यह भारत को ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ की दुविधा में डालता है – अमेरिका का समर्थन करे या ईरान का? अगर ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो हिंद महासागर में और अस्थिरता आ सकती है, जो चीन की बढ़ती मौजूदगी से पहले से ही तनावपूर्ण है।

    आर्थिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव: भारत की अर्थव्यवस्था पर खतरा

    भारत की अर्थव्यवस्था हिंद महासागर पर निर्भर है – 90% व्यापार समुद्री मार्गों से होता है। इस घटना से व्यापारिक मार्गों में रुकावट का डर है, जो शिपिंग लागत बढ़ा सकता है। तेल कीमतों में उछाल से मुद्रास्फीति बढ़ेगी, और ट्रेड बैलेंस प्रभावित होगा। मनोवैज्ञानिक रूप से, यह भारत की जनता में असुरक्षा पैदा करता है – क्या हमारा समुद्री क्षेत्र सुरक्षित है?विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को QUAD (अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) के साथ सहयोग बढ़ाना चाहिए, लेकिन ईरान के साथ संबंध बनाए रखना। चाबहार परियोजना $500 मिलियन की है, जो भारत के लिए रणनीतिक महत्व की है।

    वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2029148304257499491

    भारत की संभावित प्रतिक्रिया: चुप्पी या बोल्ड कदम?

    भारत सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, जो ‘रणनीतिक संयम’ का संकेत है। लेकिन चुप्पी भी एक संदेश है तो क्या भारत अमेरिका को चुनौती देगा? संभावित कदम: UN में शिकायत, क्षेत्रीय गठबंधनों को मजबूत करना, या नौसेना की तैनाती बढ़ाना।

    अब एक जागृति का समय

    बता दें कि यह घटना भारत के लिए वेक-अप कॉल है। हिंद महासागर अब ‘हॉट जोन’ बन रहा है। भारत को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करते हुए, क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। अगर नहीं, तो ऐसी घटनाएं सामान्य हो जाएंगी। सवाल है – क्या भारत जागेगा?

    Shagun

    Keep Reading

    Mathura: Boat capsizes in Yamuna; 10 pilgrims from Punjab dead, 5 still missing.

    वृंदावन यमुना नाव हादसा: लापरवाही की एक और कीमत

    नेपाल नवजागरण की खुशबू फैल रही दूर देशों में!

    Melania Trump Resurrects the Epstein Files

    मेलानिया ट्रंप ने एपस्टीन फाइल को फिर जिंदा किया

    India's Swift Action Immediately After Ceasefire: Contacts Iran; Preparations Begin to Bring Back 16 Ships Stranded in the Strait of Hormuz

    ईरान ने होर्मुज पर सख्त शर्तें लगाईं: सीजफायर के बावजूद रोजाना सिर्फ 15 जहाज

    अंतिम छोर तक स्वास्थ्य: होम्योपैथी का समावेशी मॉडल

    Major Russia-China Veto at UNSC: Resolution Against Iran Blocked; New Twist in the Strait of Hormuz

    UNSC में रूस-चीन का बड़ा वीटो: ईरान के खिलाफ प्रस्ताव रोका, होर्मुज पर नया मोड़

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Mathura: Boat capsizes in Yamuna; 10 pilgrims from Punjab dead, 5 still missing.

    वृंदावन यमुना नाव हादसा: लापरवाही की एक और कीमत

    April 11, 2026
    Nature's unparalleled treasure trove in the Govardhana Forest Range of the Valmiki Tiger Reserve.

    वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के गोवर्धना फॉरेस्ट रेंज में प्रकृति का अनुपम खजाना

    April 11, 2026
    Rajnath Singh inaugurated several development projects in Lucknow, including the Lakshman Mandapam, which was constructed at a cost of ₹13 crore.

    राजनाथ सिंह ने लखनऊ में 13 करोड़ की लागत से बने लक्ष्मण मण्डपम् सहित कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया

    April 11, 2026
    Mathura: Boat capsizes in Yamuna; 10 pilgrims from Punjab dead, 5 still missing.

    मथुरा: यमुना में नाव पलटी, पंजाब के 10 श्रद्धालुओं की मौत; 5 अभी लापता

    April 11, 2026
    Mahatma Jyotirao Phule: India's Divine Guiding Light

    महात्मा ज्योतिराव फुले: भारत के दिव्य पथ-प्रदर्शक

    April 11, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading