- योगी सरकार के बजट में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी निराशा।
- जीएसटी लागू होने के बाद बजट में इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी समाप्त होने की थी बड़ी उम्मीद लेकिन हाथ लगी निराशा।
- इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के मद में राज्य सरकार वसूलती है लगभग 1250 करोड़।
- रेगुलेटरी सरचार्ज 4.28 प्रतिशत समाप्त करने की दिशा में भी सरकार ने बजट में नहीं दी कोई सब्सिडी।
- सबको 24 घण्टे बिजली देना अच्छी बात, परन्तु बिजली नहीं मिलेगी सस्ती तो आम जनता कैसे करेगी उसका वहन।
उप्र की योगी सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 का जो आज कुल 384659.71 करोड़ का बजट पेश किया गया है, उसमें प्रदेश के आम विद्युत उपभोक्ताओं को अपेक्षा के मुताबिक निराशा हाथ लगी है। पिछली सरकारों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में इजाफा कराया गया, चूंकि वर्तमान योगी सरकार सस्ती बिजली आम जनता को उपलब्ध कराने की अनेकों बार बात कर चुकी है। इससे यह उम्मीद थी कि प्रदेश के आम घरेलू/ग्रामीण व कृषि क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिये इस बजट में कोई अतिरिक्त व्यवस्था होगी, क्योंकि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-65 के तहत किसी भी श्रेणी के उपभोक्ताओं को राहत देने के लिये एडवांस सब्सिडी की घोषणा करनी पड़ती है और जिसकी व्यवस्था निश्चिततौर पर सरकारों को अपने बजट में करना होता है। पूर्व में जो प्रचलित सब्सिडी सरकारों द्वारा चली आ रही है वही आगे भी जारी है, अपेक्षाकृत उससे सस्ती बिजली नहीं मिलेगी। ऐसे में आने वाले समय में प्रदेश के उपभोक्ताओं को जो अपेक्षाएं थीं वह पूरी नहीं हुई हैं। प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं से राज्य सरकार इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के रूप में 5 प्रतिशत से लेकर 7.5 प्रतिशत व 20 प्रतिशत तक वसूलती है। इस मद में साल भर में लगभग 1250 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं से वसूलकर बिजली कम्पनियां सरकार को देती हैं। इस बार उपभोक्ताओं को बहुत उम्मीद थी कि इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी समाप्त होगी, परन्तु ऐसा नहीं हुआ जो काफी घोर निराशा जनक है। जीएसटी लागू होने के बाद इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी समाप्त होने की काफी प्रबल संभावना थी। इसी प्रकार उपभोक्ताओं पर लग रहे रेगुलेटरी सरचार्ज 4.28 प्रतिशत को समाप्त करने के एवज में उ0प्र0 सरकार से सब्सिडी की अपेक्षा थी, वहां भी निराशा हाथ लगी है।

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आज बजट भाषण में प्रदेश के वित्त मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा पावर फार आॅल, ग्रामीण विद्युतीकरण, एकमुश्त समाधान योजना, सस्ता बिजली कनेक्शन योजना, बी0पी0एल0 को फ्री बिजली, टोल फ्री योजना सहित सौर ऊर्जा योजना और प्रदेश वासियों को अक्टूबर, 2018 से 24 घण्टे बिजली की बात बजट में कही गयी। इसमें से ज्यादातर योजनायें भारत सरकार द्वारा लगभग सभी राज्यों में लागू है और जहां तक सवाल एकमुश्त समाधान योजना व सस्ता बिजली कनेक्शन योजना व टोल फ्री योजना व अन्य योजनायें। यह सभी व्यवस्था एक रूटीन सतत चलने वाली प्रक्रिया है। जिसको बजट भाषण में बोलना आम जनता के लिये कोई नयी बात नहीं है। प्रदेश की जनता को 24 घण्टे बिजली मिले यह अच्छी बात है, परन्तु वह बिजली सस्ती हो ताकि आम जनमानस उसका उपभोग आसानी से कर सकें। सस्ती बिजली हेतु व्यवस्था बजट में अतिरिक्त रूप से की गयी होती तो निश्चित ही आम जनता को खुशी होती।







