पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर: ईरान ने अमेरिका की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग को ठुकराया, कहा – ‘यह सिर्फ एक सपना है जो कब्र में दफन हो जाएगा’
तेहरान/रियाद/इस्लामाबाद: ईरान-अमेरिका-इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध ने अब पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले लिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। राज्य टीवी पर प्रसारित एक रिकॉर्डेड संदेश में उन्होंने कहा, “ईरान किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। ऐसी उम्मीद रखना महज एक सपना है, जिसे वे अपनी कब्र में ले जाएं।”
बता दें कि यह बयान ऐसे समय आया है जब यूएस-इज़राइल की संयुक्त हवाई कार्रवाई ने ईरान के कई शहरों – तेहरान, इस्फहान, क़ुम और केरमानशाह – को निशाना बनाया है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि इन हमलों में घनी आबादी वाले नागरिक इलाकों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य नागरिक ढांचों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे “युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध” करार दिया। ईरान में अब तक 1,200 से अधिक मौतें रिपोर्ट की जा चुकी हैं, जिसमें बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं।

दूसरी ओर, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़राइल के अलावा सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों और नागरिक ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। सऊदी अरब के ऑयल फील्ड्स और एयरपोर्ट्स पर भी हमले की खबरें हैं, जिससे वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है।
ट्रंप का अल्टीमेटम और ईरान का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं, सिर्फ “बिना शर्त आत्मसमर्पण”। ईरानी राष्ट्रपति ने राज्य टीवी पर कहा, “ऐसी उम्मीद रखना महज एक सपना है, जिसे वे अपनी कब्र में ले जाएं।” ईरान ने पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए दुर्लभ माफी मांगी, लेकिन युद्ध जारी रखने का संकल्प दोहराया।
पाकिस्तान की होगी एंट्री?
इस बीच, पाकिस्तान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान के साथ रियाद में अहम बैठक की। बैठक में ईरान के हमलों को रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर जोर दिया। सऊदी मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बैठक में ईरानी हमलों को रोकने के तरीकों पर फोकस किया गया। कुछ रिपोर्ट्स में अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या पाकिस्तान अब सऊदी अरब की मदद के लिए सीधे शामिल होगा, हालांकि अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।






