Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Friday, May 1
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»साहित्य

    घंटा अब ख्याति पा चुका है

    ShagunBy ShagunJanuary 2, 2026 साहित्य No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Eight deaths due to contaminated water; Minister Kailash Vijayvargiya gets angry at a journalist – later apologizes!
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 2,614

    त्वरित टिप्पड़ी : ओम माथुर

    घंटा शब्द बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह आपको समय बताता है की 24 में से कितने घंटे गुजर चुके हैं। घंटा स्कूल-कालेज में बजता है, तो ये शिक्षण संस्थान का समय शुरू होने या खत्म होने का संकेत देता है। बीच-बीच में बजता है,तो पीरियड में इधर-उधर कहीं भी अगर विद्यार्थी है,तो तुरंत कक्षाओं में पहुंच जाते हैं। मंदिर में जाने पर भक्त इसे बजाकर भगवान के प्रति आस्था जताता है।

    लेकिन मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जिस तरह घंटा शब्द का उपयोग किया, वह आमतौर पर गाली देने या अश्लील बात कहने के लिए किया जाता है। इसके लिए बोलते समय इशारा भी किया जाता है। वैसे ये घंटा भी अब टीवी सीरियल और हिंदी फिल्मों के डायलॉग और गानों में आकर ख्याति पा चुका है। लेकिन फिर भी विजयवर्गीय वाले और जैसे घंटा बोलने से शरीफ और घरेलू लोग आज भी बचते हैं। लेकिन विजयवर्गीय को काहे की शर्म। वो नेता हैं। इंदौर के विधायक हैं। कई बार रह लिए। इसलिए अब पत्रकार को भी घंटे पर ही रखते हैं। ये उनका ही क्यों हर नेता का मिजाज होता है कि वह मतदाता यानि आम लोगों को घंटे पर ही रखते हैं। जब तक चुनाव नहीं जीत जाते हैं या सत्ता में नहीं आ जाते हैं, नेता मतदाता को सिर आंखों पर बैठाते हैं। लेकिन कुर्सी मिलते ही वह सिर-आंखों से घंटे पर आ जाता है।Eight deaths due to contaminated water; Minister Kailash Vijayvargiya gets angry at a journalist – later apologizes!

    विजयवर्गीय के विधानसभा इलाके में दूषित पानी पीने से करीब एक दर्जन लोग मर चुके हैं। सैंकड़ों अस्पताल में भर्ती है। पत्रकार ने इस पर सवाल पूछ लिया,तो आपा खो बैठे। पहले सवाल पर जवाब दिया फोकट के सवाल मत पूछो। जब पत्रकार ने कहा वह वहां जाकर आया है, तो जवाब मिला क्या घंटा होकर आए हो। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद जब मैंने भी पहली बार देखा,तो मुझे भी लगा कि घंटा कोई स्थान होगा। जहां पत्रकार पीड़ितों से मिलने गया होगा और विजयवर्गीय पुष्टि कर रहे हैं क्या वो वाकई घंटा जाकर आया है। वो तो दो बार देखने व सुनने के बाद पता चला कि घंटा जगह नहीं,पत्रकार को सवाल के जवाब में दी जा रही गाली या चेतावनी थी।

    दरअसल,अब सत्ता से सवाल पूछने का फैशन देश में खत्म हो चुका है। ऐसे में अगर कोई पत्रकार भूले भटके सवाल पूछ लेता है, तो सत्तारूढ पार्टी के नेता बौखला जाते हैं। सत्ता के अंहकार में उन्हें लगता है इसकी इतनी हिम्मत कैसे हो गई कि,यह हमसे वह सवाल पूछ रहा है। फिर विजयवर्गीय का तो इंदौर में डंका बजता है, वहां उनसे ये सवाल उनकी सल्तनत को चुनौती वाली बात हो गई। मर गए तो मर गए, विजयवर्गीय के कौनसा घंटा फर्क पड़ता है। चुनाव होने में अभी 3 साल का समय है। तब तक मतदाता घंटा उनका क्या बिगाड़ लेगा।

    लेकिन घंटा तो पत्रकार ने भी विजयवर्गीय का बजा दिया। पहले तो तमीज से बात करने की नसीहत दी और फिर उनके एक चमचे की भी फीत उतार दी। इसके पहले की भाजपा विजयवर्गीय की फीत उतारती, उन्होंने माफी मांग ली। आखिर बदतमीजी भी तो उद्योगपति गौतम अडानी के चैनल के पत्रकार से की गई थी। अब अडानी की हैसियत सत्ता के गलियारों में क्या है, यह विजयवर्गीय बेहतर जानते ही होंगे। लेकिन एक पहलू यह भी है कि एनडीटीवी ने इस वीडियो को अपनी वेबसाइट से हटा लिया है। यानी उसे अपने पत्रकार अपमान बर्दाश्त था। लेकिन वह सत्ता से उलझना नहीं चाहता। क्यों? जवाब हर कोई जानता है।

    वैसे पत्रकार को घंटा बताने वाले विजयवर्गीय अपने बयानों के लिए हमेशा चर्चित रहते हैं। पिछले दिनों इंदौर में जब ऑस्ट्रेलियाई महिला खिलाड़ी की क्रिकेट टीम के खिलाड़ी से छेड़छाड़ की घटना हुई, तो उन्होंने कहा था खिलाड़ियों को प्रशासन को बात कर घूमने निकालना चाहिए था। यानी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की नहीं, खिलाड़ियों की खुद की थी। इसके पहले एक मामले में वह खुलेआम इंदौर में आग लगाने की धमकी दे चुके हैं। विजयवर्गीय जैसे नेताओं को जनता ही बनाती है। लेकिन वह जनता को ही घंटा बताने में कोई हिचक नहीं रखते। जब पत्रकारों को नहीं बख्शते तो सोचिए आम लोगों को क्या बख्शते होंगे।

    Shagun

    Keep Reading

    जानो तो बुद्ध की सहजता सबसे सहज वरना अति जटिल

    भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: स्वच्छ भविष्य की ओर एक ठोस कदम

    In Paris, fragrance is bottled; in Banaras, the fragrance is in the very air—and that is a truly wonderful feeling.

    पेरिस में खुशबू बोतल में होती है, और बनारस में खुशबू हवा में है यह बहुत अच्छा अहसास है

    Parents have been subjected to such manipulation for a very long time—it is simply that awareness has increased now.

    खेल तो पेरेंट्स के साथ बहुत पहले से होता आया है -जागरूकता अब बढ़ी

    The residents of Banda are filled with pride upon seeing Banda's name ranked among the very best in the world!

    विश्व में बांदा का अव्वल दर्जे में नाम देख गर्व में बांदावासी!

    A Growing Crisis on the Path to Peace: Uncertainty Over Iran Ceasefire Amid Washington's Attacks on Trump

    शांति की राह में बढ़ता संकट: ट्रंप पर वाशिंगटन हमले के बीच ईरान युद्ध-विराम की अनिश्चितता

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts

    जानो तो बुद्ध की सहजता सबसे सहज वरना अति जटिल

    April 30, 2026
    From the Tennis Court to the World of AI: Elysia Nicolas Launches ‘BookKards’ in Collaboration with Meta India

    टेनिस कोर्ट से AI की दुनिया तक: Eylsia Nicolas ने Meta India के साथ मिलकर लॉन्च किया ‘BookKards’

    April 30, 2026
    Inferno on the Return from Vaishno Devi: A Family Wiped Out in an Instant on the Alwar Expressway

    वैष्णो देवी से लौटते वक्त आग का तूफान: अलवर एक्सप्रेसवे पर एक पल में खत्म हुआ परिवार

    April 30, 2026
    Joke of the Day: Trump's Mess

    जोक ऑफ़ द डे : ट्रम्प का रायता

    April 30, 2026

    भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: स्वच्छ भविष्य की ओर एक ठोस कदम

    April 30, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading