Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, October 14
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»धर्म»Spirituality»Short Inspirational

    योग: कर्मसु कौशलम्

    ShagunBy ShagunJune 24, 2024 Short Inspirational No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 1,402

    डॉ दिलीप अग्निहोत्री

    भारतीय चिंतन में मानव कल्याण की भावना है। योग इसका प्रमाण है। इसमें सर्वे भवन्तु सुखिन की कामना है। कोई भेदभाव नहीं
    ‘युज्यते एतद् इति योगः’
    अर्थात्, जो जोड़ता है, वह योग है। यह
    वसुधैव कुटुंबकम्’ का व्यवहारिक पक्ष है।
    योग भारत की अमूल्य धरोहर है।

    भगवान श्री कृष्ण ने कहा है ”योग : कर्मसु कौशलम्” अर्थात् योग से कर्मों में कुशलता आती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से आज विश्व में इसकी गूंज है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव किया था, इस पर सबसे कम समय में सर्वाधिक देशों के समर्थन का रिकार्ड कायम हो गया। संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने जिस ऐतिहासिक समर्थन से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को स्वीकार किया था, वह राष्ट्रीय गौरव का विषय है।

    21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारत की महान धरोहर के प्रति विश्व की सहमति है। विश्व में योग लगातार लोकप्रिय हो रहा है। लोगों को इसमें अपना हित नजर आ रहा है। इसकी भवभूमि में व्यक्ति को विराट जगत सत्ता से जोड़ने का विचार समाहित है। लेकिन शारीरिक लाभ के विचार से किया जाने वाला योग भी कल्याणकारी होता है। इससे शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार का स्वास्थ्य लाभ होता है। अनेक बीमारियों से निदान मिलता है। सकारात्मक चिंतन को बढ़ावा मिलता है।

    व्यक्ति का जीवन भोग के लिए नहीं, बल्कि योग के लिए है। योग रोग से मुक्ति प्रदान करता है। साथ ही चराचर जगत के अनेक सुखद रहस्यों का साक्षात्कार भी कराता है, जिनका सामान्य रूप से अनुभव नहीं किया जा सकता। यह क्षमता केवल योग से प्राप्त होती है। ईश्वर की सभी कृतियों में मनुष्य को ही विवेक शक्ति मिली है। इसे योग के माध्यम से जागृत किया जा सकता है।

    योग शरीर के साथ मन को भी स्वस्थ रखता है। ऐसा कोई दूसरा शरीर विज्ञान आज तक नहीं बन सका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसको विश्व से परिचित कराया। इसका विराट रूप योग दिवस पर विश्व में दिखाई देता है। यह भारत की गौरवशाली उपलब्धि है। योग के आधुनिक प्रवर्तक पतंजलि के अनुसार योगश्चित्तवृतिनिरोध। अर्थात चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग कहलाता है। वेदांत के अनुसार आत्मा का परमात्मा से पूर्ण रूप से मिलन होना ही योग कहलाता है।

    इक्कीस जून को ग्रीष्म संक्रांति होती है। इस दिन सूर्य धरती की दृष्टि से उत्तर से दक्षिण की ओर चलना शुरू करते हैं, यानी सूर्य जो अब तक उत्तरी गोलार्ध के सामने था, अब दक्षिणी गोलार्ध की तरफ बढ़ना शुरू हो जाता है। योग के नजरिए से यह समय संक्रमण काल होता है, यानी रूपांतरण के लिए बेहतर समय होता है।

    योग को मजहबी दृष्टि से देखना गलत है। पैंतालीस इस्लामी मुल्कों के साथ आज पूरे विश्व में योग किया जा रहा है। अमेरिका व योरोप में करोड़ों लोगों की जीवन शैली में योग शामिल हो गया है।नरेंद्र मोदी ने विश्व कूटनीति में सांस्कृतिक तत्व को बेजोड़ अंदाज में शामिल किया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारत के लिए गर्व का विषय है। इसे राजनीति की दृष्टि से देखना गलत है। अनेक विपक्षी पार्टियां राष्ट्रीय गौरव के इस अवसर से अपने को अलग रखती हैं। फिर भी यह सन्तोष का विषय है कि आम लोगों में इस गौरवशाली दिन को लेकर उत्साह रहता है। पूरे विश्व में योग दिवस का माहौल दिखाई देता है। बच्चों से लेकर बड़ों तक में इसे लेकर उत्साह रहता है। यह एक दिन का उत्सव मात्र नहीं है, बल्कि इसे प्रतिदिन दिनचर्या में शामिल करने की प्रेरणा भी मिलती है।

    बीते वक्त में भारत ने केवल विश्व कल्याण का उद्घोष ही नहीं किया था, बल्कि उसके अमल की राह भी दिखाई थी। इसी ने भारत को विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित किया था। योग में भी मानव कल्याण का विचार समाहित है। यह शरीर के साथ ही मन को संतुलित करता है। नकारात्मक चिंतन शरीर के साथ ही समाज को भी उद्वेलित करते हैं, अराजकता फैलाते हैं। नरेंद्र मोदी ने योग को मानवता के लिए धरोहर बताया था। उनके विचारों पर विश्व समुदाय ने ध्यान दिया था।

    योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है। विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है।

    Shagun

    Keep Reading

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    जब एकादशी का पुण्य जुड़ता है पितरों के कल्याण से: 6 अक्टूबर को इन्दिरा एकादशी

    Anant Chaturdashi is on September 25; Lord Vishnu's 'Anant' (infinite) form will be worshipped.

    अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को, भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की होगी पूजा

    वामन द्वादशी आज: भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा, पूजा-विधि और महत्त्व

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    When technology became a tool for fraud, these films and web series revealed the terrifying face of the scam.

    जब तकनीक बनी ठगी का हथियार, इन फिल्मों और वेब सीरीज़ ने दिखाया धोखाधड़ी का खौफनाक चेहरा

    October 13, 2026
    Rupali Suri's saree charm shines in the colorful glamour of Navratri

    नवरात्रि का रंगीन ग्लैमर में छाया रूपाली सूरी का साड़ी जलवा

    October 13, 2026
    Nyrraa M. Banerjee gets emotional recalling memories of her first film with Nana Patekar.

    नाना पाटेकर के साथ पहली फिल्म की यादें, नायर्रा एम. बनर्जी हुईं भावुक

    October 11, 2026
    Civil Defence stands with flood victims in Faizullaganj; distributes relief supplies.

    फैजुल्लागंज में बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ा सिविल डिफेंस, बांटी राहत सामग्री

    October 11, 2026
    Residents of the dilapidated Badalikheda took to the streets.

    बदहाल बदालीखेड़ा के नागरिक सड़कों पर उतरे

    October 11, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading